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Nainital News: जिला मजिस्ट्रेट पौड़ी गढ़वाल के आदेश पर रोक
Fri, 05 May 2023 01:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 05 May 2023 01:49 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बणास तल्ला की प्रधान संगीता देवी की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां सीज करते हुए उन्हें निलंबित करने के जिला मजिस्ट्रेट पौड़ी गढ़वाल के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार, डीएम पौड़ी गढ़वाल, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा बीडीओ यमकेश्वर को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विनोद नेगी 2014 से 2019 तक प्रधान पद पर रहे और 2019 में उनकी पत्नी संगीता प्रधान चुनी गई। संगीता के प्रधान चुने जाने के बाद उनके पति पूर्व प्रधान विनोद ही ग्राम पंचायत के सारे कार्य जैसे बैठक बुलाना, समितियों का गठन करना, स्वजल, जलागम का नेतृत्व आदि करते रहे हैं। ग्राम प्रधान केवल हस्ताक्षर करती हैं। प्रधान चुने जाने से पहले विनोद ससुराल पक्ष की आर्थिक सहायता से जीवनयापन करता थे और अब करीब 90 लाख की संपत्ति के मालिक हैं जबकि उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। पीएमओ के पत्र के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी से जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला मजिस्ट्रेट ने प्रधान को निलंबित कर दिया। प्रधान ने इस निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विनोद नेगी 2014 से 2019 तक प्रधान पद पर रहे और 2019 में उनकी पत्नी संगीता प्रधान चुनी गई। संगीता के प्रधान चुने जाने के बाद उनके पति पूर्व प्रधान विनोद ही ग्राम पंचायत के सारे कार्य जैसे बैठक बुलाना, समितियों का गठन करना, स्वजल, जलागम का नेतृत्व आदि करते रहे हैं। ग्राम प्रधान केवल हस्ताक्षर करती हैं। प्रधान चुने जाने से पहले विनोद ससुराल पक्ष की आर्थिक सहायता से जीवनयापन करता थे और अब करीब 90 लाख की संपत्ति के मालिक हैं जबकि उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। पीएमओ के पत्र के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी से जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला मजिस्ट्रेट ने प्रधान को निलंबित कर दिया। प्रधान ने इस निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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