नैनीताल में बारिश से हाहाकार: जिले में 47 सड़कें बंद, कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से पार; 54 भवनों को नुकसान
नैनीताल जिले में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक वर्षा नैनीताल तहसील में 217 मिमी और हल्द्वानी में 166 मिमी में हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नैनीताल जिले की रफ्तार थाम दी है। बीते 24 घंटे में हुई भारी बारिश के कारण जिले में मलबा और भूस्खलन आने से 47 मोटरमार्ग बाधित हो गए। इनमें तीन राज्य मार्ग, तीन मुख्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारी बारिश के बीच नैनीताल के कृष्णापुर क्षेत्र में भूस्खलन से एक भवन को खतरा पैदा हो गया। मंगलवार को स्व. गरुड़ ध्वज जोशी के भवन के नीचे भूस्खलन हुआ था। इससे भवन की सुरक्षा को खतरा पैदा होने के साथ बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। बुधवार सुबह एसडीएम के निर्देश पर पटवारी दिनेश बिष्ट ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में रह रहीं जोशी की बेटी दीपा लोहनी और तीन किरायेदारों को नोटिस देकर तत्काल घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। आसपास के दो अन्य भवन भी खतरे की जद में बताए गए हैं। एसडीएम नवाजिश खलिक ने नगर पालिका के जेई को प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
कैलाखान की पहाड़ी में भूस्खलन
बुधवार को हुई तेज बारिश के दौरान कैलाखान की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया। पूर्व सभासद डीएन भट्ट के अनुसार, शुरुआत में बलियानाला में भूस्खलन की आशंका हुई थी लेकिन बारिश थमने के बाद कैलाखान की पहाड़ी के बड़े हिस्से में भूस्खलन दिखाई दिया। एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि कैलाखान-आलूखेत क्षेत्र पहले से ही भूस्खलन जोन है। सूचना मिलने पर विभागीय टीम को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा गया है। संबंधित विभागों को भूस्खलन की रोकथाम के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर शासन और प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल आबादी क्षेत्र को खतरा नहीं है।
राजस्व विभाग की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। मकानों को आंशिक क्षति या पशुहानि की सूचना मिलने पर तहसीलदारों के माध्यम से तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा रही है। - डीएम ललित मोहन रयाल
ऑरेंज अलर्ट के बाद कुमाऊं में हाई अलर्ट
कुमाऊं मंडल में भारी से बहुत भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मंडलायुक्त दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों को जिला आपदा नियंत्रण कक्षों के साथ तहसील और ब्लॉक स्तर के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखने के लिए कहा गया है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत, पेयजल निगम, ब्रिडकुल और ग्रामीण निर्माण विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और पर्याप्त मैनपावर तैनात रखने को कहा गया है। नदियों, नालों और गधेरों के किनारे तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएच पर भी बढ़ी चुनौती
लगातार बारिश के कारण नैनीताल-काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं को देखते हुए पुलिस और एनएचएआई की टीमें सतर्क हैं। संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है और जेसीबी मशीनें तैयार रखी गई हैं, ताकि मलबा आने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।
कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे ज्योलीकोट, देवीधूरा समेत कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। एसडीओ प्रियंक पांडे के अनुसार, विभागीय टीमों ने क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी है।
खूपी में मकान की दीवार गिरी
खूपी क्षेत्र में बारिश के दौरान संजय कुमार के भवन की दीवार गिर गई। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
तीन राज्यमार्गों पर आवाजाही ठप
जिला आपदा प्रबंधन केंद्र की दो सितंबर शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में जिले में तीन राज्य मार्ग, तीन मुख्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। बंद होने वाली प्रमुख सड़कों में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना, खुटानी-भवाली-धानाचूली, रामनगर-भंडारपानी-बेतालघाट और सुरालखाड़ी-ओड़ाखान राज्य मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा पांडेगांव-रानीकोटा गोतिया सहित तीन मुख्य जिला मार्ग भी बाधित हैं।
नैनीताल में सबसे अधिक बारिश
बीते 24 घंटे में नैनीताल (स्नो व्यू) में सर्वाधिक 217 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि रामनगर में सबसे कम 14.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। रिपोर्ट के अनुसार गौला, कोसी और नंधौर नदियों के जलस्तर एवं डिस्चार्ज पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। दैनिक सूचना में एक जनहानि दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में अब तक चार लोगों की जान चली गई है जबकि 57 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस मानसून सीजन में अब तक जिले में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 57 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बीते 24 घंटे में दर्ज वर्षा
स्थान वर्षा
नैनीताल (स्नो व्यू) 217.0 मिमी
हल्द्वानी (काठगोदाम) 166.0 मिमी
रामनगर 14.6 मिमी
कालाढूंगी 46.0 मिमी
कैंची धाम 105.0 मिमी
बेतालघाट 80.5 मिमी
खनस्यूं (ओखलकांडा) 92.5 मिमी
मुक्तेश्वर 107.7 मिमी
चोरगलिया 107.7 मिमी
- जिले की औसत वर्षा 85.9 मिमी
- एक जून से संचयी वर्षा 913.21 मिमी
नदियों में चेतावनी और खतरे का स्तर
नदी/बैराज चेतावनी स्तर खतरे का स्तर
गौला बैराज 27,576 क्यूसेक 41,364 क्यूसेक
कोसी बैराज 51,786 क्यूसेक 76,908 क्यूसेक
नंधौर नदी 10,000 क्यूसेक 35,075 क्यूसेक
अल्मोड़ा हाईवे पर एक घंटे थमा यातायात
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को गरमपानी झूलापुल के पास थुवा की पहाड़ी से मलबा आने के कारण दोपहर करीब 12 बजे यातायात बंद हो गया। इससे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर जाने वाले यात्रियों को करीब एक घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। जेसीबी की मदद से दोपहर एक बजे मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया। बेतालघाट के शहीद बलवंत सिंह मोटर मार्ग पर काली पहाड़ी के पास करीब 100 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से पहाड़ी काटकर सड़क को दुरुस्त किया। पाडली, रातीघाट, रामागाड़, दोपाखी, गरमपानी, भौर्या मोड़, लोहाली और काकड़ीघाट में भी पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। ओखलकांडा की न्याय पंचायत में खेल मैदान का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे मैदान और मंच पर खतरा बना हुआ है।
आईटीआई टांडी मार्ग बंद, गांव का संपर्क कटा
धारी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बुधवार को आईटीआई टांडी जाने वाले मोटर मार्ग की सुरक्षा दीवार टूट गई। इसके बाद भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया और मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इससे टोक टांड गांव का मुख्य सड़क से संपर्क कट गया।भीमताल ब्लॉक के पिनसेला गांव में भी सड़क और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीण डेयरी तक दूध नहीं पहुंचा पा रहे हैं। नाले से मलबा आने के चलते करीब 25 परिवारों पर खतरा बना हुआ है।
प्रभावित परिवारों की मदद की मांग
भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बुधवार को अलचौना के तोक पांडेछोड़ में नाले का मलबा घरों में घुसने से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही मलबे से हुए नुकसान का आकलन कर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की।