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हाईकोर्ट: संविदा सेवा का लाभ न मिलने पर सुनवाई, अधिकारियों को प्रमुख सचिव से स्पष्ट निर्देश लेने का निर्देश
Mon, 02 Nov 2026 09:32 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Mon, 02 Nov 2026 09:32 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने संविदा सेवा का लाभ न मिलने की याचिका पर अधिकारियों को ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव से स्पष्ट निर्देश लेने का निर्देश दिया।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में वर्ष 1990 से संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे याचिकाकर्ता को उनकी पूर्व संविदा सेवा का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त करें कि जब समान परिस्थितियों में कार्यरत व एक ही वर्ष में नियमित नियुक्ति प्राप्त करने वाले एक कर्मचारी को उसकी पूर्व संविदा सेवा के आधार पर पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य लाभ प्रदान किए जा रहे हैं, तो दूसरे कर्मचारी को उन्हीं लाभों से वंचित क्यों रखा जा रहा है।
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कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की है।मामले के अनुसार दत्ता राम नौटियाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि याचिकाकर्ता वर्ष 1990 से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में संविदा के आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे थे, वर्ष 2014 में उन्हें सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियमित नियुक्ति प्रदान की गई थी।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि उनके साथ ही वर्ष 2014 में नियमित नियुक्ति प्राप्त करने वाले महेन्द्र सिंह जीना जो वर्ष 1998 से डीआरडीए में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, उनको उनकी संविदा सेवा की गणना करते हुए ग्रेच्युटी, पेंशन, सामान्य भविष्य निधि सहित अन्य सेवा संबंधी लाभ प्रदान किए गए हैं। जबकि दूसरी ओर याचिकाकर्ता को वर्ष 1990 से लगातार संविदा सेवा देने के बावजूद समान लाभों से वंचित रखा गया है।
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