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चितई गोल्ज्यू मंदिर मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, आज भी होगी
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के प्रसिद्घ चितई गोल्ज्यू मंदिर को ट्रस्ट बनाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। मामले में बृहस्पतिवार 8 अक्तूबर को भी सुनवाई जारी रहेगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान मंदिर के संस्थापक परिवार के हरि विनोद पंत व संध्या पंत ने अपना पक्ष रखा। उनकी ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को मंदिर स्थापना से संबंधित दस्तावेजों पर आधारित जानकारी और इतिहास के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि 1919 में केशवदत्त-भोलादत्त पंत की ओर से मंदिर बनाया गया था। अल्मोड़ा की डा. वसुधा पंत ने खुद को गोलज्यू देवता का प्रतिनिधि बताते हुए इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर की है। मामले के अनुसार दीपक रूबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि गोलज्यू मंदिर में हर साल लाखों का चढ़ावा आता है लेकिन मंदिर का पुजारी परिवार चढ़ावे पर अधिकार समझते हैं। उन्होंने चढ़ावे व दान की जांच के साथ ट्रस्ट बनाने की मांग की थी। संवाद
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान मंदिर के संस्थापक परिवार के हरि विनोद पंत व संध्या पंत ने अपना पक्ष रखा। उनकी ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को मंदिर स्थापना से संबंधित दस्तावेजों पर आधारित जानकारी और इतिहास के बारे में अवगत कराया।
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उन्होंने बताया कि 1919 में केशवदत्त-भोलादत्त पंत की ओर से मंदिर बनाया गया था। अल्मोड़ा की डा. वसुधा पंत ने खुद को गोलज्यू देवता का प्रतिनिधि बताते हुए इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर की है। मामले के अनुसार दीपक रूबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि गोलज्यू मंदिर में हर साल लाखों का चढ़ावा आता है लेकिन मंदिर का पुजारी परिवार चढ़ावे पर अधिकार समझते हैं। उन्होंने चढ़ावे व दान की जांच के साथ ट्रस्ट बनाने की मांग की थी। संवाद
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