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उत्तरदायित्व से स्व-उत्तरदायित्व की ओर जाना होगा : राज्यपाल
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हल्द्वानी। राज्यपाल ले. जनरल (से.नि) गुुरमीत सिंह ने कहा कि व्यक्ति हमेशा सीखता है। शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं होती यह जीवन के पड़ावों के अनुभवों के आधार पर हम जीवनभर सीखते हैं। हमें उत्तरदायित्व से भी आगे बढ़कर स्व-उत्तरदायित्व की ओर जाना है। जीवन में आत्मानुशासन बहुत जरूरी है।
राज्यपाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था एक लचीली, सरल और सुगम है। सर्वे के अनुसार देश में उच्च शिक्षा के कुल पंजीकरण में 10 प्रतिशत से अधिक डिस्टेंस एजूकेशन का है। यह शिक्षा पद्धति शिक्षा प्राप्त करने का आदर्श माध्यम है। कोरोना के दौर ने हमें बहुत कुछ सीख दी है। ऑनलाइन और डिजिटल एजूकेशन आज हमारी जरूरत बन गई है, इससे मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा तंत्र को डिजिटल और वर्चुअल मोड पर और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करना होगा। डिस्टेंस एजूकेशन का पाठ्यक्रम नवीनतम, अद्यतन, प्रभावी तथा प्रासंगिक होने के साथ ही सरल भाषा में होना चाहिए। सच्चिदानंद भारती राज्य में रिवर्स माइग्रेशन, वन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन उत्तराखंड के लिए ज्वलंत मुद्दा है। विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह ने अपनी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के माध्यम से उत्तराखंड के संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें सम्मानित करके गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं।
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बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास हो शिक्षा का उद्देश्य : सीएम
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 21 वीं सदी की आवश्यकताओं को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य चिंतनशील बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास करना होना चाहिए।
उमुवि के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तियों के समग्र विकास के उद्देश्य के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालय शिक्षा से उच्चतर शिक्षा तक सीखने के प्रत्येक चरण में कौशल और मूल्यों का एक निधारित प्रारूप शामिल हो। इस दिशा में केंद्र सरकार काम कर रही है। जब कोई प्रतिभा राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरकर सामने आती है तो उसके मददगार तमाम लोग हो जाते हैं लेकिन जब किसी जरूरतमंद को उस मुकाम तक पहुंचने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है तब उसकी कोई मदद नहीं करता है। अब प्रदेश सरकार की खेल नीति और युवा नीति बनकर तैयार हो गई है। अब किसी भी बच्चे में योग्यता व क्षमता है तो उन्हे सरकार हर तरह से सहायता करेगी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21 वां दशक उत्तराखंड का दशक है। जब प्रदेश 25 वर्ष का होगा और रजत जयंती मना रहा होगा तब हमारा प्रदेश देश में अग्रणी प्रदेश होगा। मुक्त विश्व विद्यालय में आईटी अकादमी को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। देहरादून में भी मुक्त विश्व विद्यालय का भी सशक्त परिसर बनाने में सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
डिग्री कॉलेजों में कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी भी पढ़ाई जाएगी : डॉ. धन सिंह
हल्द्वानी। शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 119 डिग्री कालेज और 34 विश्वविद्यालयों में पांच लाख बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति में सबको अच्छी शिक्षा, रोजगार परक शिक्षा, क्रेडिट बेस शिक्षा, गुणात्मक शिक्षा देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को टेबलेट देने की बात कही थी, इसका शासनादेश हो गया है। प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से मातृभाषा कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी पढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के मातृभाषा को अनिवार्य रूप के पढ़ाए जाने के संकल्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रेडिट बेस रोजगार परक शिक्षा पद्धति के आधार पर नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों का पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। डॉ. रावत ने उमुवि के दीक्षांत समारोह में ये बात कही।
राज्यपाल ने कहा-सेहत की नहीं काम की परवाह करते हैं सीएम
हल्द्वानी। राज्यपाल ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री और उच्चशिक्षा मंत्री की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सैनिक पिता के साथ भी वह रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथ में प्लास्टर है लेकिन फिर भी 24 में से 20 घंटे काम में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की गाड़ी पलट गई थी। वह उनकी कुशल क्षेम जानना चाहते थे पता लगा कि वह घटना के 24 घंटे के भीतर दून कॉलेज में समारोह में शिरकत कर रहे थे। इनका उद्देश्य विकास है, यही उत्तराखंड के विकास में सहायक होगा।
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राज्यपाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था एक लचीली, सरल और सुगम है। सर्वे के अनुसार देश में उच्च शिक्षा के कुल पंजीकरण में 10 प्रतिशत से अधिक डिस्टेंस एजूकेशन का है। यह शिक्षा पद्धति शिक्षा प्राप्त करने का आदर्श माध्यम है। कोरोना के दौर ने हमें बहुत कुछ सीख दी है। ऑनलाइन और डिजिटल एजूकेशन आज हमारी जरूरत बन गई है, इससे मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिली है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा तंत्र को डिजिटल और वर्चुअल मोड पर और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करना होगा। डिस्टेंस एजूकेशन का पाठ्यक्रम नवीनतम, अद्यतन, प्रभावी तथा प्रासंगिक होने के साथ ही सरल भाषा में होना चाहिए। सच्चिदानंद भारती राज्य में रिवर्स माइग्रेशन, वन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन उत्तराखंड के लिए ज्वलंत मुद्दा है। विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह ने अपनी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के माध्यम से उत्तराखंड के संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें सम्मानित करके गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं।
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बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास हो शिक्षा का उद्देश्य : सीएम
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 21 वीं सदी की आवश्यकताओं को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य चिंतनशील बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास करना होना चाहिए।
उमुवि के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तियों के समग्र विकास के उद्देश्य के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालय शिक्षा से उच्चतर शिक्षा तक सीखने के प्रत्येक चरण में कौशल और मूल्यों का एक निधारित प्रारूप शामिल हो। इस दिशा में केंद्र सरकार काम कर रही है। जब कोई प्रतिभा राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरकर सामने आती है तो उसके मददगार तमाम लोग हो जाते हैं लेकिन जब किसी जरूरतमंद को उस मुकाम तक पहुंचने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है तब उसकी कोई मदद नहीं करता है। अब प्रदेश सरकार की खेल नीति और युवा नीति बनकर तैयार हो गई है। अब किसी भी बच्चे में योग्यता व क्षमता है तो उन्हे सरकार हर तरह से सहायता करेगी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21 वां दशक उत्तराखंड का दशक है। जब प्रदेश 25 वर्ष का होगा और रजत जयंती मना रहा होगा तब हमारा प्रदेश देश में अग्रणी प्रदेश होगा। मुक्त विश्व विद्यालय में आईटी अकादमी को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। देहरादून में भी मुक्त विश्व विद्यालय का भी सशक्त परिसर बनाने में सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
डिग्री कॉलेजों में कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी भी पढ़ाई जाएगी : डॉ. धन सिंह
हल्द्वानी। शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 119 डिग्री कालेज और 34 विश्वविद्यालयों में पांच लाख बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति में सबको अच्छी शिक्षा, रोजगार परक शिक्षा, क्रेडिट बेस शिक्षा, गुणात्मक शिक्षा देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को टेबलेट देने की बात कही थी, इसका शासनादेश हो गया है। प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से मातृभाषा कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी पढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के मातृभाषा को अनिवार्य रूप के पढ़ाए जाने के संकल्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रेडिट बेस रोजगार परक शिक्षा पद्धति के आधार पर नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों का पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। डॉ. रावत ने उमुवि के दीक्षांत समारोह में ये बात कही।
राज्यपाल ने कहा-सेहत की नहीं काम की परवाह करते हैं सीएम
हल्द्वानी। राज्यपाल ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री और उच्चशिक्षा मंत्री की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सैनिक पिता के साथ भी वह रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथ में प्लास्टर है लेकिन फिर भी 24 में से 20 घंटे काम में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की गाड़ी पलट गई थी। वह उनकी कुशल क्षेम जानना चाहते थे पता लगा कि वह घटना के 24 घंटे के भीतर दून कॉलेज में समारोह में शिरकत कर रहे थे। इनका उद्देश्य विकास है, यही उत्तराखंड के विकास में सहायक होगा।