हल्द्वानी हिंसा का तीसरा दिन: आठ फरवरी से इंटरनेट सेवाएं बंद, कर्फ्यू जारी; पांच हजार लोगों पर केस दर्ज
Haldwani News Today : हलद्वानी में आठ फरवरी को एक अवैध मदरसे और नमाज के लिए बनाई जा रही इमारत पर नगर निगम ने बुलडोजर चलाया था। इसके बाद से स्ठानीय लोगों ने पुलिस और निगम की टीम पर हमला कर दिया था। इसमें छह लोगों की जान चले गई। हल्द्वानी में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहर में बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। बीएसएनएल, वोडाफोन, एयरटेल, जियो समेत अन्य नेटवर्क पर इंटरनेट सेवा संचालित नहीं हो पाई। ऐसे में सैकड़ों यूजर्स सूचना न मिल पाने के कारण परेशान रहे। इंटरनेट सेवा बंद होने से वर्क फ्राॅम होम से जुड़े लोगों का काम प्रभावित रहा वहीं परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी खासी दिक्कत हुई।
बीएसएनएल के डीजीएम भीम बहादुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से जब तक अनुमति नहीं दी जाएगी तब तक संचार सेवा सुचारु नहीं होगी। बताया कि शहर के बाहरी क्षेत्र में भी इंटरनेट को बंद किया जा रहा है, जिस कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शहर में अराजकता का माहौल न बने।
ये पढ़ें- Haldwani Violence: रोकते रहे बुजुर्ग, फिर भी आगे बढ़ते गए उपद्रवी, मस्जिदों पर रहा पहरा, घरों में पढ़ी गई नमाज
ये पढ़ें- हल्द्वानी में हिंसा: हिंसक बवाल के बाद स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
वर्क फ्राॅम होम से जुड़े लोगों का काम रहा प्रभावित
- हाइडिल गेट निवासी दिपांशु कुंवर ने बताया कि उनका काम डिजिटल मार्केटिंग का है। इंटरनेट न होने से बाहर के क्लाइंट से बातचीत नहीं हो पाई जिसके कारण काम प्रभावित रहा।
- सीएमटी कॉलोनी निवासी विकास कूंडू ने बताया कि वो वर्क फ्राॅम होम कर रहे हैं, रात से नेट बंद होने के चलते उनके ऑफिस का काम नहीं हो पाया। ऑफिस में भी संपर्क करने में खासी परेशानी हुई।