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हल्द्वानी जेल बनेगी डबल स्टोरी, नैनीताल जेल होगी स्थानांतरित
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:24 AM IST
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प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवार ने कहा कि क्षमता से अधिक बंदियों को सुविधा प्रदान करने के लिए हल्द्वानी उपकारागार की बिल्ंिडग डबल स्टोरी बनाई जाएगी। सुरक्षा के लिए अगले साल नैनीताल और हल्द्वानी जेल को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा। इसी प्रकार नैनीताल जेल अन्यत्र स्थानांतरित होगी। जेल के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है।
प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवार सोमवार को अचानक आईजी जेल पीबीके प्रसाद के साथ हल्द्वानी उपकारागार का मुआयना करने पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने महिला और पुरुष बैरक के बाद शौचालय और किचन का निरीक्षण किया। बाद में बंदी महिलाओं के सिलाई, कढ़ाई, बुनाई सेंटर और कंप्यूटर कक्ष के बारे में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या से जानकारी ली।
प्रमुख सचिव ने बाहर निकलने के बाद बताया कि ऊधमसिंह नगर में जेल नहीं होने के कारण हल्द्वानी जेल में 250 की जगह 880 बंदी हैं। बंदियों की सुविधा के लिए डबल स्टोरी जेल, किचन और शौचालय भी डबल बनाए जाएंगे। बंदीरक्षकों की वेतन विसंगति और अन्य सुविधाओं के बाबत शासन में विचार चल रहा है। इधर, नैनीताल में प्रमुख सचिव ने जेलर इरशाद अली खान से कैदियों को अच्छा भोजन देने, समय समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा जेल के भीतर साफ-सफाई का ध्यान देने की हिदायत दी।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि नैनीताल जेल छोटी होने के कारण यहां जगह की काफी कमी है। इसी कारण नई जेल के लिए भूमि तलाशी जा रही है। पवार ने कहा कि एक माह में 400 पदों को भर लिया जाएगा। जेलों में कैदियों की सुविधा के मुताबिक डॉक्टरों, फार्मेसिस्टों की तैनाती की जा रही है। लंबे समय से बंद कैदियों की रिहाई के लिए कैदियों की सूची शासन से गठित कमेटी द्वारा राज्यपाल को भेजी गई है। राज्यपाल की संस्तुति के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।
जेल अधिकारियों ने प्रमुख सचिव गृह के सामने 90-90 साल की बुजुर्ग कैदियों रेवती और कुंती को पेश किया। बताया कि दोनों को दहेज के मामले में सात-सात साल की सजा हुई है। दोनों काफी परेशान रहती हैं। प्रमुख सचिव ने दोनों को छोड़ने की पैरवी करने का भरोसा दिया।
हल्द्वानी। प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवार और आईजी जेल पीबीके नैनीताल जाने के लिए कार में सवार हुए। कार में आईजी का डबल स्टार लगा था। काफी प्रयास के बाद कार स्टार्ट नहीं हो सकी। अंत में दोनों अधिकारी एडिशनल एपी की स्कॉर्पियो से नैनीताल गए। पता चला कि जिला पुलिस ने गाड़ी आईजी के लिए भिजवाई थी, जो कि बाद में खराब हो गई।
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प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवार सोमवार को अचानक आईजी जेल पीबीके प्रसाद के साथ हल्द्वानी उपकारागार का मुआयना करने पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने महिला और पुरुष बैरक के बाद शौचालय और किचन का निरीक्षण किया। बाद में बंदी महिलाओं के सिलाई, कढ़ाई, बुनाई सेंटर और कंप्यूटर कक्ष के बारे में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या से जानकारी ली।
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प्रमुख सचिव ने बाहर निकलने के बाद बताया कि ऊधमसिंह नगर में जेल नहीं होने के कारण हल्द्वानी जेल में 250 की जगह 880 बंदी हैं। बंदियों की सुविधा के लिए डबल स्टोरी जेल, किचन और शौचालय भी डबल बनाए जाएंगे। बंदीरक्षकों की वेतन विसंगति और अन्य सुविधाओं के बाबत शासन में विचार चल रहा है। इधर, नैनीताल में प्रमुख सचिव ने जेलर इरशाद अली खान से कैदियों को अच्छा भोजन देने, समय समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा जेल के भीतर साफ-सफाई का ध्यान देने की हिदायत दी।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि नैनीताल जेल छोटी होने के कारण यहां जगह की काफी कमी है। इसी कारण नई जेल के लिए भूमि तलाशी जा रही है। पवार ने कहा कि एक माह में 400 पदों को भर लिया जाएगा। जेलों में कैदियों की सुविधा के मुताबिक डॉक्टरों, फार्मेसिस्टों की तैनाती की जा रही है। लंबे समय से बंद कैदियों की रिहाई के लिए कैदियों की सूची शासन से गठित कमेटी द्वारा राज्यपाल को भेजी गई है। राज्यपाल की संस्तुति के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।
जेल अधिकारियों ने प्रमुख सचिव गृह के सामने 90-90 साल की बुजुर्ग कैदियों रेवती और कुंती को पेश किया। बताया कि दोनों को दहेज के मामले में सात-सात साल की सजा हुई है। दोनों काफी परेशान रहती हैं। प्रमुख सचिव ने दोनों को छोड़ने की पैरवी करने का भरोसा दिया।
हल्द्वानी। प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवार और आईजी जेल पीबीके नैनीताल जाने के लिए कार में सवार हुए। कार में आईजी का डबल स्टार लगा था। काफी प्रयास के बाद कार स्टार्ट नहीं हो सकी। अंत में दोनों अधिकारी एडिशनल एपी की स्कॉर्पियो से नैनीताल गए। पता चला कि जिला पुलिस ने गाड़ी आईजी के लिए भिजवाई थी, जो कि बाद में खराब हो गई।