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कालागढ़ में ग्रेहॉर्न बिल, पाईड हॉर्न बिल पक्षी मौजूद
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पक्षी गणना का कार्य शुरू हो गया है। इस दौरान कालागढ़ में ग्रेहॉर्न बिल, पाईड हॉर्न बिल पक्षी काफी संख्या में दिखे। इससे साफ है कि सीटीआर में पक्षियों की प्रजातियां अच्छी खासी संख्या में मौजूद हैं।
ईको टूरिज्म के रेंजर राजेंद्र सिंह चकरायत के निर्देशन में हो रही पक्षी गणना में सभी टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में गणना कर रही हैं। गणना 18 फरवरी तक होगी। इससे पता चलेगा कि सीटीआर में कितने प्रजाति के पक्षी प्रवास करते हैं। पक्षी विशेषज्ञ सीटीआर में बिजरानी कैंप क्षेत्र, मलानी वन क्षेत्र, धनगढ़ी सोत, गैरल, ढिकाला ग्रासलैंड, फुलई वन क्षेत्र, खिनानौली, हल्दूखेड़ा, फांटो, लालढांग, झिरना स्रोत, जमुनाग्वाड़, रामगंगा रिजरवायर, पटेरपानी, वर्कचार्ज कॉलोनी में पक्षी गणना करेंगे।
वहीं, कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग में लौहाचौड़, मोहान से दुर्गादेवी, कांडा वन क्षेत्र, मैदावन वन क्षेत्र, मोरघट्टी वन क्षेत्र, नलकट्टा वन क्षेत्र, पाखरों वन क्षेत्र, हाथीकुंड वन क्षेत्र, रथुवाढाब वन क्षेत्र, मुंडियापानी वन क्षेत्र, हल्दूपड़ाव में पक्षियों की गणना हो रही है। रेंजर चकरायत ने बताया कि कालागढ़ क्षेत्र में गणना के ग्रेहॉर्न बिल, पाईड हॉर्न बिल पक्षी झुंड में दिखाई दिए। प्रत्येक झुंड में 15 से 20 पक्षी होंगे। हर क्षेत्र में पक्षियों की गई प्रजातियां दिखाई दे रही है।
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ईको टूरिज्म के रेंजर राजेंद्र सिंह चकरायत के निर्देशन में हो रही पक्षी गणना में सभी टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में गणना कर रही हैं। गणना 18 फरवरी तक होगी। इससे पता चलेगा कि सीटीआर में कितने प्रजाति के पक्षी प्रवास करते हैं। पक्षी विशेषज्ञ सीटीआर में बिजरानी कैंप क्षेत्र, मलानी वन क्षेत्र, धनगढ़ी सोत, गैरल, ढिकाला ग्रासलैंड, फुलई वन क्षेत्र, खिनानौली, हल्दूखेड़ा, फांटो, लालढांग, झिरना स्रोत, जमुनाग्वाड़, रामगंगा रिजरवायर, पटेरपानी, वर्कचार्ज कॉलोनी में पक्षी गणना करेंगे।
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वहीं, कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग में लौहाचौड़, मोहान से दुर्गादेवी, कांडा वन क्षेत्र, मैदावन वन क्षेत्र, मोरघट्टी वन क्षेत्र, नलकट्टा वन क्षेत्र, पाखरों वन क्षेत्र, हाथीकुंड वन क्षेत्र, रथुवाढाब वन क्षेत्र, मुंडियापानी वन क्षेत्र, हल्दूपड़ाव में पक्षियों की गणना हो रही है। रेंजर चकरायत ने बताया कि कालागढ़ क्षेत्र में गणना के ग्रेहॉर्न बिल, पाईड हॉर्न बिल पक्षी झुंड में दिखाई दिए। प्रत्येक झुंड में 15 से 20 पक्षी होंगे। हर क्षेत्र में पक्षियों की गई प्रजातियां दिखाई दे रही है।
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