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एमबीपीजी में छात्रों से अंग्रेजी पढ़ने के मामले में आगे निकली छात्राएं
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रों के मुकाबले छात्राएं अंग्रेजी विषय पढ़ने के मामले में आगे निकल गई हैं। सत्र 2020-21 से अब तक स्नातक प्रथम वर्ष में छात्राएं अंग्रेजी विषय चुनने के मामले में आगे रही हैं जबकि छात्र पिछड़ते जा रहे हैं। हिंदी मीडियम से पढ़ी छात्राओं की संख्या इसमें अधिक है।
एमबीपीजी में अंग्रेजी विषय में स्नातक प्रथम वर्ष में सत्र 2021-21 में 234 छात्र, 287 छात्राएं, सत्र 2021-22 में 217 छात्र, 294 छात्राएं और सत्र 2022-23 में 199 छात्र, 378 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
महाविद्यालय में इस वर्ष अंग्रेजी विषय में पिछले तीन वर्षों में छात्राओं के सबसे अधिक प्रवेश हुए हैं जबकि छात्र अंग्रेजी विषय लेने से पीछे हट रहे हैं। वर्तमान युग में अंग्रेजी विषय की महत्ता बढ़ते जा रही है। अंग्रेजी न जाने वाले विद्यार्थी कई चीजों में पिछड़ जाते हैं।
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विज्ञान संकाय में घट रही विद्यार्थियों की रुचि
एमबीपीजी में विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। बीएससी गणित में वर्ष 2020-21 में 598, बायो में 473, वर्ष 2021-22 में गणित वर्ग में 512, बायो में 468, वर्ष 2022-23 में गणित ग्रुप में 413, बायो ग्रुप में 401 विद्यार्थियों के प्रवेश हुए हैं। विज्ञान के बदले कला वर्ग में विद्यार्थियों का रुझान बढ़ रहा है।
संस्कृत और शिक्षाशास्त्र में इस बार बढ़े विद्यार्थी
महाविद्यालय में इस बार संस्कृत और शिक्षाशास्त्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई है। स्नातक प्रथम वर्ष में संस्कृत विषय में इस बार 78 और शिक्षाशास्त्र में 199 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है जबकि पिछले वर्ष संस्कृत में 25 और शिक्षाशास्त्र में 166 ने प्रवेश लिया था।
कोट
यह अच्छी बात है कि महाविद्यालय में छात्रों के मुकाबले छात्राओं ने अंग्रेजी विषय को ज्यादा चुना है। वर्तमान युग को देखते हुए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जरूरी है। छात्रों को भी इसमें आगे आना चाहिए। - डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी।
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एमबीपीजी में अंग्रेजी विषय में स्नातक प्रथम वर्ष में सत्र 2021-21 में 234 छात्र, 287 छात्राएं, सत्र 2021-22 में 217 छात्र, 294 छात्राएं और सत्र 2022-23 में 199 छात्र, 378 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
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महाविद्यालय में इस वर्ष अंग्रेजी विषय में पिछले तीन वर्षों में छात्राओं के सबसे अधिक प्रवेश हुए हैं जबकि छात्र अंग्रेजी विषय लेने से पीछे हट रहे हैं। वर्तमान युग में अंग्रेजी विषय की महत्ता बढ़ते जा रही है। अंग्रेजी न जाने वाले विद्यार्थी कई चीजों में पिछड़ जाते हैं।
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विज्ञान संकाय में घट रही विद्यार्थियों की रुचि
एमबीपीजी में विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। बीएससी गणित में वर्ष 2020-21 में 598, बायो में 473, वर्ष 2021-22 में गणित वर्ग में 512, बायो में 468, वर्ष 2022-23 में गणित ग्रुप में 413, बायो ग्रुप में 401 विद्यार्थियों के प्रवेश हुए हैं। विज्ञान के बदले कला वर्ग में विद्यार्थियों का रुझान बढ़ रहा है।
संस्कृत और शिक्षाशास्त्र में इस बार बढ़े विद्यार्थी
महाविद्यालय में इस बार संस्कृत और शिक्षाशास्त्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई है। स्नातक प्रथम वर्ष में संस्कृत विषय में इस बार 78 और शिक्षाशास्त्र में 199 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है जबकि पिछले वर्ष संस्कृत में 25 और शिक्षाशास्त्र में 166 ने प्रवेश लिया था।
कोट
यह अच्छी बात है कि महाविद्यालय में छात्रों के मुकाबले छात्राओं ने अंग्रेजी विषय को ज्यादा चुना है। वर्तमान युग को देखते हुए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जरूरी है। छात्रों को भी इसमें आगे आना चाहिए। - डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी।