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Nainital News: नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना के नये आवेदनों से छात्राऐं आक्रोशित
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रामनगर। नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना के नए प्रारूप में दोबारा आवेदन पत्र भरवाए जाने से छात्राएं आक्रोशित हैं। उन्होंने नए आवेदन पत्र पर आपत्ति जताते हुए पुराने प्रारूप के आवेदन पत्र देने की मांग की है। छात्र संगठन आइसा ने चेतावनी दी है कि पुराने आवेदन पत्रों से ही योजना का लाभ नहीं दिया जाता है तो संगठन छात्राओं के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस मुद्दे पर आंदोलन करेगा।
रामनगर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा ज्योति फर्त्याल ने कहा कि 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने गौरा देवी कन्या धन योजना के लिए आवेदन किया था। सरकार ने पुराने आवेदन पत्रों को निरस्त कर नए आवेदन पत्र जारी किए हैं। नए आवेदन पत्रों में काफी जटिलताएं हैं। इसे दोबारा भरे जाने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। प्रथम वर्ष की ही छात्रा मुस्कान, मीनाक्षी कार्की के अनुसार नए प्रारूप में आवेदन करने वाले को भूमि का बाजार मूल्य, भवन का मूल्य, माता-पिता के पिछले तीन साल की आय का स्टेटमेंट, सामाजिक-आर्थिक, जाति जनगणना में परिवार की स्थिति का विवरण, पिछले चार महीने के बिजली-पानी के बिलों का विवरण आदि कई औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए इन प्रपत्रों को मांगा जा रहा है। मीनाक्षी के अनुसार सरकार की इस नई नीति से बड़ी संख्या में छात्राएं पात्र होते हुए भी नंदा गौरा कन्या धन योजना से वंचित रह जाएंगी।
आइसा के नगर अध्यक्ष सुमित कुमार, नगर उपाध्यक्ष मुस्कान, सचिव उमेश नेगी और उप सचिव रोहित खत्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के नए आवेदन पत्र भरे जाने के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है। छात्र नेताओं के अनुसार सरकार नए आवेदन पत्र की आड़ में बड़ी संख्या में छात्राओं को गौरा कन्या धन योजना से ही वंचित करने की योजना बना रही है।
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नए प्रारूप में देनी है यह जानकारी
- भूमि, भवन का बाजार मूल्य।
- माता-पिता की तीन साल की आय का विवरणष
- सामाजिक-आर्थिक, जाति जनगणना में परिवार की स्थिति।
- पिछले चार महीने के बिजली-पानी के बिलों का विवरण।
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रामनगर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा ज्योति फर्त्याल ने कहा कि 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने गौरा देवी कन्या धन योजना के लिए आवेदन किया था। सरकार ने पुराने आवेदन पत्रों को निरस्त कर नए आवेदन पत्र जारी किए हैं। नए आवेदन पत्रों में काफी जटिलताएं हैं। इसे दोबारा भरे जाने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। प्रथम वर्ष की ही छात्रा मुस्कान, मीनाक्षी कार्की के अनुसार नए प्रारूप में आवेदन करने वाले को भूमि का बाजार मूल्य, भवन का मूल्य, माता-पिता के पिछले तीन साल की आय का स्टेटमेंट, सामाजिक-आर्थिक, जाति जनगणना में परिवार की स्थिति का विवरण, पिछले चार महीने के बिजली-पानी के बिलों का विवरण आदि कई औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए इन प्रपत्रों को मांगा जा रहा है। मीनाक्षी के अनुसार सरकार की इस नई नीति से बड़ी संख्या में छात्राएं पात्र होते हुए भी नंदा गौरा कन्या धन योजना से वंचित रह जाएंगी।
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आइसा के नगर अध्यक्ष सुमित कुमार, नगर उपाध्यक्ष मुस्कान, सचिव उमेश नेगी और उप सचिव रोहित खत्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के नए आवेदन पत्र भरे जाने के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है। छात्र नेताओं के अनुसार सरकार नए आवेदन पत्र की आड़ में बड़ी संख्या में छात्राओं को गौरा कन्या धन योजना से ही वंचित करने की योजना बना रही है।
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नए प्रारूप में देनी है यह जानकारी
- भूमि, भवन का बाजार मूल्य।
- माता-पिता की तीन साल की आय का विवरणष
- सामाजिक-आर्थिक, जाति जनगणना में परिवार की स्थिति।
- पिछले चार महीने के बिजली-पानी के बिलों का विवरण।