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एफसीआई ने मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं से अधिक देने के लिए किया मना
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- फोटो : AMAR UJALA
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माई सिटी रिपोर्टर
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हल्द्वानी। भारतीय खाद्य निगम ने खुले बाजार में 10 हजार क्विंटल गेहूं देने से मना कर दिया है। इससे आटा मिलों का दो करोड़ रुपया फंस गया है। साथ ही बाजार में आटे का संकट भी खड़ा हो गया है। उधर अधिकारियों को कहना है कि सभी मिलों को बराबर-बराबर गेहूं देकर बाकि बचा पैसा वापस कर दिया जाएगा। पांच दिन पूर्व जिला प्रशासन ने खाद्य नागरिक आपूर्ति, पूर्ति विभाग और आटा मिलों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मिलों से गेहूं की डिमांड मांगी गई थी। साथ ही इनसे गेहूं के एवज में पैसा जमा करने के लिए कहा गया था। कुमाऊं की करीब 10 मिलों ने 26 हजार क्विंटल गेहूं की डिमांड दी और इसका पैसा भी जमा कर दिया। उधर एफसीआई ने मात्र आटा मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं देने के लिए हामी दी। इससे कई मिलों का बजट गड़बड़ा गया।
आटा मिल मालिकों का आरोप है कि पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें गेहूं उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
- एफसीआई ने 10 हजार क्विंटल गेहूं ही दिया है। मिलों ने 26 हजार क्विंवटल का करीब दो करोड़ रुपया जमा कर दिया था। एफसीआई से मिला गेहूं बराबर-बराबर आटा मिलों को दिया जा रहा है। बाकि बचा पैसा मिलों को वापस कर दिया जाएगा।
- वेद प्रकाश धूलिया उपसंभागीय विपणन अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
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