फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   FCI refuses to give more than 10,000 quintals of wheat to mills

एफसीआई ने मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं से अधिक देने के लिए किया मना

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 12:24 PM IST
विज्ञापन
FCI refuses to give more than 10,000 quintals of wheat to mills
NA - फोटो : AMAR UJALA
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
हल्द्वानी। भारतीय खाद्य निगम ने खुले बाजार में 10 हजार क्विंटल गेहूं देने से मना कर दिया है। इससे आटा मिलों का दो करोड़ रुपया फंस गया है। साथ ही बाजार में आटे का संकट भी खड़ा हो गया है। उधर अधिकारियों को कहना है कि सभी मिलों को बराबर-बराबर गेहूं देकर बाकि बचा पैसा वापस कर दिया जाएगा। पांच दिन पूर्व जिला प्रशासन ने खाद्य नागरिक आपूर्ति, पूर्ति विभाग और आटा मिलों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मिलों से गेहूं की डिमांड मांगी गई थी। साथ ही इनसे गेहूं के एवज में पैसा जमा करने के लिए कहा गया था। कुमाऊं की करीब 10 मिलों ने 26 हजार क्विंटल गेहूं की डिमांड दी और इसका पैसा भी जमा कर दिया। उधर एफसीआई ने मात्र आटा मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं देने के लिए हामी दी। इससे कई मिलों का बजट गड़बड़ा गया।
आटा मिल मालिकों का आरोप है कि पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें गेहूं उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। - एफसीआई ने 10 हजार क्विंटल गेहूं ही दिया है। मिलों ने 26 हजार क्विंवटल का करीब दो करोड़ रुपया जमा कर दिया था। एफसीआई से मिला गेहूं बराबर-बराबर आटा मिलों को दिया जा रहा है। बाकि बचा पैसा मिलों को वापस कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
- वेद प्रकाश धूलिया उपसंभागीय विपणन अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed