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अब टैंकर गिरने से बंद हो गई किच्छा मिल
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चीनी मिल के प्रशासनिक भवन के सामने 30 व 1 की पर्चियों को मान्य करने की मांग लेकर आए किसान।
- फोटो : KITCHHA
स्थानीय चीनी मिल पेराई सत्र की शुरुआत से ही सुर्खियां बटोर रही है। शुक्रवार देर रात मिल में करीब 250 ट्रॉली गन्ना पेराई हुई। शनिवार सुबह दस बजे की शिफ्ट खत्म होने के बाद पानी का विशाल टैंकर गिर जाने के कारण मिल को फिर बंद करना पड़ा। इधर, गन्ना सोसायटी की ओर से 30 नवंबर और एक दिसंबर की काटी गई पर्चियों के मिल प्रबंधन की ओर से अमान्य करने से गुस्साए गन्ना किसानों ने जमकर हंगामा काटा। खबर लिखे जाने तक चीनी मिल चालू नहीं हुई थी।
शनिवार को भी मिल प्रांगण में गन्ने की ट्रॉलियों की आवक जारी रही। वहीं मिल प्रबंधन की ओर से गन्ना सोसायटी के 30 नवंबर और 1 दिसंबर की गन्ना पर्चियों को अमान्य करने के विरोध में किसानों में काफी गुस्सा था। दोपहरिया निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मिल बंद थी।
इस उम्मीद पर गन्ना नही लाये कि मिल बंद है तो उनका क्या कुसूर है। किसानों ने कहा कि मिल प्रबंधन इन तारीखों की पर्चियों को मान्य करें। वहां पर धौराडाम के सुरजीत सिंह, सतनाम सिंह, सोहन सिंह, राजकुमार, जोगेंद्र सिंह, चरन सिंह, सुबेग सिंह, परमजीत सिंह, महेंद्र सिंह, गंगा सिंह, जवाहर लाल आदि थे।
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किसानों की मुख्य मांगे
किसानों के आराम करने के टीन शेड को ठीक करवाएं
मिल के कांटों के गेट पर क्षतिग्रस्त डिवाइडर ठीक करवाएं
शौचालय और पेयजल की व्यवस्था हो
ठंड से बचाव के लिये अलाव की व्यवस्था हो
शुक्रवार रात भर मिल ने रफ्तार पकड़ी और लगभग 25 हजार क्विंटल से अधिक गन्ना पेरा लेकिन शनिवार सुबह पानी का टैंकर गिर गया। जल मिल को चालू कर लिया जाएगा। पर्चियों की तारीख बढ़ा दी गई थी। किसान गन्ना लेकर नहीं आए इसलिए अब इन्हें मान्य नहीं किया जाएगा।
-रुचि मोहन रयाल, अधिशासी निदेशक, किच्छा शुगर मिल
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शनिवार को भी मिल प्रांगण में गन्ने की ट्रॉलियों की आवक जारी रही। वहीं मिल प्रबंधन की ओर से गन्ना सोसायटी के 30 नवंबर और 1 दिसंबर की गन्ना पर्चियों को अमान्य करने के विरोध में किसानों में काफी गुस्सा था। दोपहरिया निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मिल बंद थी।
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इस उम्मीद पर गन्ना नही लाये कि मिल बंद है तो उनका क्या कुसूर है। किसानों ने कहा कि मिल प्रबंधन इन तारीखों की पर्चियों को मान्य करें। वहां पर धौराडाम के सुरजीत सिंह, सतनाम सिंह, सोहन सिंह, राजकुमार, जोगेंद्र सिंह, चरन सिंह, सुबेग सिंह, परमजीत सिंह, महेंद्र सिंह, गंगा सिंह, जवाहर लाल आदि थे।
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किसानों की मुख्य मांगे
किसानों के आराम करने के टीन शेड को ठीक करवाएं
मिल के कांटों के गेट पर क्षतिग्रस्त डिवाइडर ठीक करवाएं
शौचालय और पेयजल की व्यवस्था हो
ठंड से बचाव के लिये अलाव की व्यवस्था हो
शुक्रवार रात भर मिल ने रफ्तार पकड़ी और लगभग 25 हजार क्विंटल से अधिक गन्ना पेरा लेकिन शनिवार सुबह पानी का टैंकर गिर गया। जल मिल को चालू कर लिया जाएगा। पर्चियों की तारीख बढ़ा दी गई थी। किसान गन्ना लेकर नहीं आए इसलिए अब इन्हें मान्य नहीं किया जाएगा।
-रुचि मोहन रयाल, अधिशासी निदेशक, किच्छा शुगर मिल