फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   even if it's bronze but it's a golden day

भले ही कांस्य मगर यह स्वर्णिम दिन है

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:48 AM IST
विज्ञापन
even if it's bronze but it's a golden day
हल्द्वानी/नैनीताल। 41 साल के इंतजार के बाद हॉकी में भारत की झोली में कांस्य पदक आया है। ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जो इतिहास रचा है, उससे खिलाड़ी उत्साहित हैं। भारत ने ओलंपिक हॉकी में स्वर्ण पदक 1980 में मॉस्को में जीता था। अब एक बार फिर हॉकी ने उम्मीदें दिखाई हैं। पूर्व ओलंपियन, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यह दिन किसी स्वर्णिम सफलता से कम नहीं है। (माई सिटी रिपोर्टर/संवाद)
विज्ञापन

पूर्व ओलंपियन-
भारतीय हॉकी टीम ने ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने पदक जीता है। यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। इस जीत से हॉकी को जरूर बढ़ावा मिलेगा। - सैय्यद अली, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
विज्ञापन

सरकार को खिलाड़ियों के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करने के साथ ही उन्हें सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि वे देश को गर्व की अनुभूति करा सकें। - राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी
दूसरे खेलों को अधिक बढ़ावा देने से हॉकी जैसे राष्ट्रीय खेल के लिए खिलाड़ी तैयार ही नहीं हो रहे थे। अभिभावक भी हॉकी के प्रति संजीदा नहीं रहे। स्थानीय और राज्य स्तर पर हॉकी कोच के लिए कोई पैरामीटर तय नहीं हैं। अब विश्वास है कि बदलाव दिखाई देगा। - हरीश भाकुनी, हॉकी टीम उत्तराखंड के चयनकर्ता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
बच्चे भूल गए थे राष्ट्रीय खेल क्या है। जिस तरह इजरायल में प्रत्येक नागरिक को सैनिक बनना अनिवार्य है उसी तरह भारत में भी सरकार को खेलों को सौ प्रतिशत रोजगार से जोड़ना होगा और सभी खेलों में एक समान व्यवहार, नीति अपनानी होगी। - किशोर जोशी, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
पहले खेलों में सरकार का सहयोग कम रहा। खिलाड़ियों को खेल के माफिक मैदान नहीं मिले। मिट्टी, घास के मैदान और टर्फ (कृत्रिम मैदान) में अंतर है। भारत में भी इसी तरह के मैदानों की जरूरत है। यह सफलता गदगद करने वाली है। - लोकेश नेगी, राष्ट्रीय खिलाड़ी
स्थानीय खिलाड़ी
पांच साल से हॉकी खेल रही हूं। राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकीं हूं। आज खुशी का दिन है। अब सुविधाएं देकर खिलाड़ियों को मौके देने की जरूरत है। - हेमा सिंह, हल्द्वानी
रोमांचकारी और दिल खुश करने वाला मैच रहा। अब सरकार खेलों को और ज्यादा बढ़ावा देगी जिससे नए खिलाड़ी पैदा होंगे। - नीलेश गुप्ता, हल्द्वानी
मैच की शुरुआत में पीछे रहने के बाद भारत ने जिस तरह वापसी की वह पहले देखने को कभी नहीं मिला। अब हॉकी को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। - गोविंद लटवाल, हॉकी कोच, हल्द्वानी

भारतीय टीम को बधाई...चक दे इंडिया
हल्द्वानी। हॉकी पर आधारित फिल्म चक दे इंडिया में कोमल चौटाला के किरदार से मशहूर हुई अभिनेत्री चित्रांशी रावत ने भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि 41 साल बाद भारत हॉकी में पदक जीतने में कामयाब हुआ है। पदक कोई भी हो पदक-पदक होता है। मैच के अंतिम क्षणों में श्रीजेश ने जिस तरह एक गोल बचाकर जिस तरह जर्मनी को गोल बराबर करने से रोका वह क्षण अभूतपूर्व था। पूरी टीम और पूरे देश को इस जीत की बधाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed