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भले ही कांस्य मगर यह स्वर्णिम दिन है
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हल्द्वानी/नैनीताल। 41 साल के इंतजार के बाद हॉकी में भारत की झोली में कांस्य पदक आया है। ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जो इतिहास रचा है, उससे खिलाड़ी उत्साहित हैं। भारत ने ओलंपिक हॉकी में स्वर्ण पदक 1980 में मॉस्को में जीता था। अब एक बार फिर हॉकी ने उम्मीदें दिखाई हैं। पूर्व ओलंपियन, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यह दिन किसी स्वर्णिम सफलता से कम नहीं है। (माई सिटी रिपोर्टर/संवाद)
पूर्व ओलंपियन-
भारतीय हॉकी टीम ने ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने पदक जीता है। यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। इस जीत से हॉकी को जरूर बढ़ावा मिलेगा। - सैय्यद अली, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
सरकार को खिलाड़ियों के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करने के साथ ही उन्हें सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि वे देश को गर्व की अनुभूति करा सकें। - राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
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पूर्व अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी
दूसरे खेलों को अधिक बढ़ावा देने से हॉकी जैसे राष्ट्रीय खेल के लिए खिलाड़ी तैयार ही नहीं हो रहे थे। अभिभावक भी हॉकी के प्रति संजीदा नहीं रहे। स्थानीय और राज्य स्तर पर हॉकी कोच के लिए कोई पैरामीटर तय नहीं हैं। अब विश्वास है कि बदलाव दिखाई देगा। - हरीश भाकुनी, हॉकी टीम उत्तराखंड के चयनकर्ता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
बच्चे भूल गए थे राष्ट्रीय खेल क्या है। जिस तरह इजरायल में प्रत्येक नागरिक को सैनिक बनना अनिवार्य है उसी तरह भारत में भी सरकार को खेलों को सौ प्रतिशत रोजगार से जोड़ना होगा और सभी खेलों में एक समान व्यवहार, नीति अपनानी होगी। - किशोर जोशी, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
पहले खेलों में सरकार का सहयोग कम रहा। खिलाड़ियों को खेल के माफिक मैदान नहीं मिले। मिट्टी, घास के मैदान और टर्फ (कृत्रिम मैदान) में अंतर है। भारत में भी इसी तरह के मैदानों की जरूरत है। यह सफलता गदगद करने वाली है। - लोकेश नेगी, राष्ट्रीय खिलाड़ी
स्थानीय खिलाड़ी
पांच साल से हॉकी खेल रही हूं। राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकीं हूं। आज खुशी का दिन है। अब सुविधाएं देकर खिलाड़ियों को मौके देने की जरूरत है। - हेमा सिंह, हल्द्वानी
रोमांचकारी और दिल खुश करने वाला मैच रहा। अब सरकार खेलों को और ज्यादा बढ़ावा देगी जिससे नए खिलाड़ी पैदा होंगे। - नीलेश गुप्ता, हल्द्वानी
मैच की शुरुआत में पीछे रहने के बाद भारत ने जिस तरह वापसी की वह पहले देखने को कभी नहीं मिला। अब हॉकी को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। - गोविंद लटवाल, हॉकी कोच, हल्द्वानी
भारतीय टीम को बधाई...चक दे इंडिया
हल्द्वानी। हॉकी पर आधारित फिल्म चक दे इंडिया में कोमल चौटाला के किरदार से मशहूर हुई अभिनेत्री चित्रांशी रावत ने भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि 41 साल बाद भारत हॉकी में पदक जीतने में कामयाब हुआ है। पदक कोई भी हो पदक-पदक होता है। मैच के अंतिम क्षणों में श्रीजेश ने जिस तरह एक गोल बचाकर जिस तरह जर्मनी को गोल बराबर करने से रोका वह क्षण अभूतपूर्व था। पूरी टीम और पूरे देश को इस जीत की बधाई।
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पूर्व ओलंपियन-
भारतीय हॉकी टीम ने ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने पदक जीता है। यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। इस जीत से हॉकी को जरूर बढ़ावा मिलेगा। - सैय्यद अली, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
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सरकार को खिलाड़ियों के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करने के साथ ही उन्हें सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि वे देश को गर्व की अनुभूति करा सकें। - राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व ओलंपियन, नैनीताल
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पूर्व अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी
दूसरे खेलों को अधिक बढ़ावा देने से हॉकी जैसे राष्ट्रीय खेल के लिए खिलाड़ी तैयार ही नहीं हो रहे थे। अभिभावक भी हॉकी के प्रति संजीदा नहीं रहे। स्थानीय और राज्य स्तर पर हॉकी कोच के लिए कोई पैरामीटर तय नहीं हैं। अब विश्वास है कि बदलाव दिखाई देगा। - हरीश भाकुनी, हॉकी टीम उत्तराखंड के चयनकर्ता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
बच्चे भूल गए थे राष्ट्रीय खेल क्या है। जिस तरह इजरायल में प्रत्येक नागरिक को सैनिक बनना अनिवार्य है उसी तरह भारत में भी सरकार को खेलों को सौ प्रतिशत रोजगार से जोड़ना होगा और सभी खेलों में एक समान व्यवहार, नीति अपनानी होगी। - किशोर जोशी, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
पहले खेलों में सरकार का सहयोग कम रहा। खिलाड़ियों को खेल के माफिक मैदान नहीं मिले। मिट्टी, घास के मैदान और टर्फ (कृत्रिम मैदान) में अंतर है। भारत में भी इसी तरह के मैदानों की जरूरत है। यह सफलता गदगद करने वाली है। - लोकेश नेगी, राष्ट्रीय खिलाड़ी
स्थानीय खिलाड़ी
पांच साल से हॉकी खेल रही हूं। राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकीं हूं। आज खुशी का दिन है। अब सुविधाएं देकर खिलाड़ियों को मौके देने की जरूरत है। - हेमा सिंह, हल्द्वानी
रोमांचकारी और दिल खुश करने वाला मैच रहा। अब सरकार खेलों को और ज्यादा बढ़ावा देगी जिससे नए खिलाड़ी पैदा होंगे। - नीलेश गुप्ता, हल्द्वानी
मैच की शुरुआत में पीछे रहने के बाद भारत ने जिस तरह वापसी की वह पहले देखने को कभी नहीं मिला। अब हॉकी को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। - गोविंद लटवाल, हॉकी कोच, हल्द्वानी
भारतीय टीम को बधाई...चक दे इंडिया
हल्द्वानी। हॉकी पर आधारित फिल्म चक दे इंडिया में कोमल चौटाला के किरदार से मशहूर हुई अभिनेत्री चित्रांशी रावत ने भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि 41 साल बाद भारत हॉकी में पदक जीतने में कामयाब हुआ है। पदक कोई भी हो पदक-पदक होता है। मैच के अंतिम क्षणों में श्रीजेश ने जिस तरह एक गोल बचाकर जिस तरह जर्मनी को गोल बराबर करने से रोका वह क्षण अभूतपूर्व था। पूरी टीम और पूरे देश को इस जीत की बधाई।