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देवीधूरा गाँव में जंगली हाथियों में रात से दिन तक मचाया आतंक
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नैनीताल। नैनीताल के समीपवर्ती क्षेत्र देवीधूरा गांव में शनिवार देर रात से रविवार दिन तक 12 से अधिक हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। गांव में घुसकर हाथियों ने घरों की खिड़कियां और दरवाजे तोड़ डाले। करीब आठ काश्तकारों की फसलों को रौंद दिया। ग्रामीणों ने घरों से भागकर अपनी जान बचाई।
शनिवार देर रात करीब 12 बजे से तड़के करीब तीन बजे तक देवीधूरा गांव में 12 से अधिक हाथियों का झुंड पहुंचा। हाथियों की चिंघाड़ से ग्रामीणों की नींद खुली तो आंगन में हाथियों को देखकर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और बर्तन बजाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन हाथियों का झुंड गांव में ही घूमता रहा। ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों को गांव से भगाया लेकिन सुबह करीब आठ बजे फिर हाथियों का झुंड गांव में आ गया, जिसके बाद ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे।
गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ हाथियों के झुंड को जंगल की ओर तो भगा दिया है लेकिन हाथी गांव के किनारे जंगल में चिंघाड़ते रहे। रेंजर बीएस मेहता ने बताया कि क्षेत्र में वन कर्मियों को भेजा गया है। नुकसान का जायजा लेकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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डीएफओ टीआर बीजू लाल का कहना है कि देवीधूरा गांव में हाथियों के झुंड पहुंचने की सूचना मिली है। टीम को भेज दिया गया है ताकि रात को हाथी ग्रामीण क्षेत्र में किसी को कोई नुकसान न पहुंचा सकें। हाथियों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान का सर्वे कराकर ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा।
इन्होंने गांव से हाथियों को भगाया
घनश्याम, मोहन लाल, दयाल चंद्र, भुवन चंद्र, जितेंद्र कुमार, दिनेश, संजय, चंद्रमोहन, रवि, पूरन सिंह, जसवंत सिंह, शरद मेहरा, पंकज धामी, चंदू, अतुल, विक्रम मेहरा, हीरा सिंह, संजय, राहुल सुभाष, हिमेश, भुवन सिंह, नवीन आदि।
इनका हुआ नुकसान
नैनीताल। हाथियों के झुंड ने गांव में देव सिंह, नंदी देवी और जानकी देवी के घरों की खिड़कियां, दरवाजे, मुर्गीखाना और एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने कमरों में रखा सामान भी तोड़ने की कोशिश की है। साथ ही सात से आठ लोगों के खेतों में फसलें रौंद दी।
चार साल पहले टस्कर ने नापी थी देवीधूरा की ऊंचाई
नैनीताल। समुद्र तल से करीब 1855 मीटर की ऊंचाई पर स्थित देवीधूरा गांव में करीब चार साल पहले एक टस्कर पहुंचा था, जिसे ग्रामीणों ने जंगल में खदेड़ दिया था लेकिन इस बार 12 से अधिक हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों की दहशत बढ़ा दी है। हालांकि ग्रामीणों ने उन्हें गांव से दूर भगा दिया लेकिन हाथियों का फिर से गांव में आने का भय बना हुआ है।
रामनगर रेंज से सटे क्षेत्र में पहुंच जाते हैं हाथी
नैनीताल। मनोरा रेंज का देवीधूरा गांव रामनगर रेंज के करीब होने के कारण हाथी इस क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं। गांव तक हाथी दो बार पहुंचे हैं लेकिन गांव से सटे जंगल में कई बार हाथी देखे गए हैं, जो रामनगर रेंज में निहाल नदी से होते हुए बोहरागांव, पापड़ी और देवीधूरा गांव तक पहुंच जाते हैं। हालांकि अब तक हाथियों के आने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है लेकिन क्षेत्र में हाथियों के दिखने से ग्रामीणों में दहशत है।
देर रात जमीरा गांव के पास पहुंचा हाथियों का झुंड
नैनीताल। देवीधूरा क्षेत्र से देर रात हाथियों का झुंड जमीरा तोक के जंगल में पहुंच गया। ग्रामीणों के हल्ला करने के बाद झुंड देवीधूरा और जमीरा के बीच जंगल में रुक गया है। ग्रामीणों की सूचना पर मनोरा वन रेंज के अधिकारियों ने क्षेत्र ने रेस्क्यू टीम भेज दी है। वहीं ग्रामीण भी समूह बनाकर देवीधूरा गांव में बैठे हैं।
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शनिवार देर रात करीब 12 बजे से तड़के करीब तीन बजे तक देवीधूरा गांव में 12 से अधिक हाथियों का झुंड पहुंचा। हाथियों की चिंघाड़ से ग्रामीणों की नींद खुली तो आंगन में हाथियों को देखकर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और बर्तन बजाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन हाथियों का झुंड गांव में ही घूमता रहा। ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों को गांव से भगाया लेकिन सुबह करीब आठ बजे फिर हाथियों का झुंड गांव में आ गया, जिसके बाद ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे।
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गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ हाथियों के झुंड को जंगल की ओर तो भगा दिया है लेकिन हाथी गांव के किनारे जंगल में चिंघाड़ते रहे। रेंजर बीएस मेहता ने बताया कि क्षेत्र में वन कर्मियों को भेजा गया है। नुकसान का जायजा लेकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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डीएफओ टीआर बीजू लाल का कहना है कि देवीधूरा गांव में हाथियों के झुंड पहुंचने की सूचना मिली है। टीम को भेज दिया गया है ताकि रात को हाथी ग्रामीण क्षेत्र में किसी को कोई नुकसान न पहुंचा सकें। हाथियों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान का सर्वे कराकर ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा।
इन्होंने गांव से हाथियों को भगाया
घनश्याम, मोहन लाल, दयाल चंद्र, भुवन चंद्र, जितेंद्र कुमार, दिनेश, संजय, चंद्रमोहन, रवि, पूरन सिंह, जसवंत सिंह, शरद मेहरा, पंकज धामी, चंदू, अतुल, विक्रम मेहरा, हीरा सिंह, संजय, राहुल सुभाष, हिमेश, भुवन सिंह, नवीन आदि।
इनका हुआ नुकसान
नैनीताल। हाथियों के झुंड ने गांव में देव सिंह, नंदी देवी और जानकी देवी के घरों की खिड़कियां, दरवाजे, मुर्गीखाना और एक बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने कमरों में रखा सामान भी तोड़ने की कोशिश की है। साथ ही सात से आठ लोगों के खेतों में फसलें रौंद दी।
चार साल पहले टस्कर ने नापी थी देवीधूरा की ऊंचाई
नैनीताल। समुद्र तल से करीब 1855 मीटर की ऊंचाई पर स्थित देवीधूरा गांव में करीब चार साल पहले एक टस्कर पहुंचा था, जिसे ग्रामीणों ने जंगल में खदेड़ दिया था लेकिन इस बार 12 से अधिक हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों की दहशत बढ़ा दी है। हालांकि ग्रामीणों ने उन्हें गांव से दूर भगा दिया लेकिन हाथियों का फिर से गांव में आने का भय बना हुआ है।
रामनगर रेंज से सटे क्षेत्र में पहुंच जाते हैं हाथी
नैनीताल। मनोरा रेंज का देवीधूरा गांव रामनगर रेंज के करीब होने के कारण हाथी इस क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं। गांव तक हाथी दो बार पहुंचे हैं लेकिन गांव से सटे जंगल में कई बार हाथी देखे गए हैं, जो रामनगर रेंज में निहाल नदी से होते हुए बोहरागांव, पापड़ी और देवीधूरा गांव तक पहुंच जाते हैं। हालांकि अब तक हाथियों के आने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है लेकिन क्षेत्र में हाथियों के दिखने से ग्रामीणों में दहशत है।
देर रात जमीरा गांव के पास पहुंचा हाथियों का झुंड
नैनीताल। देवीधूरा क्षेत्र से देर रात हाथियों का झुंड जमीरा तोक के जंगल में पहुंच गया। ग्रामीणों के हल्ला करने के बाद झुंड देवीधूरा और जमीरा के बीच जंगल में रुक गया है। ग्रामीणों की सूचना पर मनोरा वन रेंज के अधिकारियों ने क्षेत्र ने रेस्क्यू टीम भेज दी है। वहीं ग्रामीण भी समूह बनाकर देवीधूरा गांव में बैठे हैं।