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शिक्षा विभाग के पास खेल के लिए पैसे नहीं
ब्यूरो /अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)।
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:55 AM IST
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जिले की बाक्सिंग टीम को शिक्षा विभाग ने बजट का ऐसा ‘पंच’ मारा है कि वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने से महरूम रह गई।
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बजट का रोना रो रहे शिक्षा विभाग ने अंतिम समय पर जिले की बाक्सिंग टीम को प्रतियोगिता में भेजने से इंकार कर दिया। इससे खिलाड़ियों में रोष है।
दरअसल 17 नवंबर को नैनीताल में जिला स्तरीय बाक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें सब जूनियर बालक वर्ग, जूनियर बालिका वर्ग, जूनियर बालक वर्ग, सीनियर बालिका वर्ग के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए कुल 23 बच्चों का चयन किया गया।
इसमें रामनगर से विभिन्न वर्गों के छह खिलाड़ी भी शामिल हैं। इन्होंने 20 से 23 नवंबर तक पिथौरागढ़ में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था।
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यशपाल चंद्र, मुस्कान खान, सिमरा, नेहा चौहान, अंजलि सिंह, निमिशा ने तो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए स्कूल से सर्टिफिकेट भी बना लिया था। पर शाम को उन्हें पता चला कि टीम नहीं जा रही है।
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जिला खेल समन्वयक अरविंद्र चौधरी ने बताया कि बजट का बड़ा रोना है। हालात ऐसे हैं कि नैनीताल में बास्केटबाल की प्रदेश स्तरीय टीम का चयन हुआ, इसमें 13 जिलों से मात्र चार ही जिले हिस्सा लेने आए। अल्मोड़ा में वालीबॉल प्रतियोगिता हुई, इसमें कुल आठ टीमें पहुंची।
मुख्य शिक्षा अधिकारी रघुनाथ लाल आर्य ने बताया कि बजट के अभाव में जिले की टीम पिथौरागढ़ में हिस्सा नहीं ले पा रही है। अब तक खेलों में करीब पांच लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि हमारी आय ढाई लाख रुपये है। हम लोन लेकर अपना काम चला रहे हैं।
अब 23 बच्चों ने जाना है, इन पर करीब 40 हजार रुपये का खर्च आ रहा है, यह कहां से आएगा। अभी सबसे बड़ा गेम एथलेटिक्स है जो कुंवरपुर हल्द्वानी में 21, 22 नवंबर को होगा।
इसमें 80 हजार करीब रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद एक लाख रुपये का खर्च टीम को प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भेजने पर आएगा। इस बारे में खिलाड़ियों का कहना है कि जब सरकार के पास पैसा नहीं है तो क्यों हमारे भविष्य के साथ खेल कर रहे हैं।