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बाघों की सुरक्षा के लिए ई-सर्विलांस सिक्योरिटी शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 01:48 AM IST
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E-surveillance security system
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए ई-सर्विलांस सिक्योरिटी सिस्टम की शुरुआत वन मंत्री हरक सिंह रावत ने फीता काटकर की। वन मंत्री ने कहा कि इस सिस्टम से वन्यजीवों की सुरक्षा बेहतर ढंग से हो सकेगी।
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यह सिस्टम लगाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है और नेशनल पार्कों में कॉर्बेट नेशनल पार्क पहला पार्क है। इस दौरान चीफ कुमाऊं विवेक पांडेय, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ.पराग मधुकर धकाते, पार्क के निदेशक राहुल, उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी, रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी सहित सभी प्रभागों के एसडीओ मौजूद रहे।
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यहां लगे हैं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टावर
झिरना रेंज के लालढांग, कोठीरौ पीक, कोठीरौ सोत, कुसुम पीक, कालागढ़ रेेंज के धारा पीक, धारा सोत, खटपानी, खारा सोत में कुल आठ थर्मल कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से 400 वर्ग किलोमीटर का एरिया कवर किया गया है। सीटीआर की दक्षिणी सीमा पर तस्करों और शिकारियों की घुसपैठ की आशंका को देखते हुए इन कैमरों को लगाया गया है, जिससे रामनगर से ही इन पर नजर रखी जा सकेगी।
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क्या है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम
संवेदनशील वनक्षेत्रों की निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसमें छोटी रेंज के इन्फ्रारड और लंबी रेंज के नाइटविजन थर्मल कैमरे चोटियों पर लगाए जाते हैं। सभी कैमरे आपस में जुड़े रहते हैं जो केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से वायरमैकस से संचालित होते हैं। इन कैमरों से दूर की फोटो को जूम करने की अत्यधिक क्षमता 360 डिग्री रोटेशन और विपरीत मौसम में भी कार्य करने की क्षमता होती है। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के साथ ही 20 किलोग्राम से अधिक वजन की वस्तु का पता लगाने के साथ ही यह कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर चेतावनी जारी करता है और सूचना सभी केंद्रों को प्रसारित हो जाती है, इससे तत्काल कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम के फायदे
आबादी क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधि का पूर्व में ही पता लगाने में सक्षम है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आती है। यह कैमरे अंदरूनी जीपीएस से लैस होते हैं, इस कारण चोरी होने पर इनका पता लगाया जा सकता है। प्रत्येक टावर में एक टावर व्यू कैमरा भी लगा होता है, जो टावर के आसपास की सुरक्षा के लिए होता है।


अब कालागढ़ से पाखरो तक लगेंगे कैमरे
प्रथम चरण में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के रामनगर से कालागढ़ की दक्षिणी सीमा तक में ईआई सर्विलांस तंत्र लगया गया है। दूसरे चरण में कालागढ़ से पाखरो तक की सीमा को कवर किया जाएगा।
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