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आयु सीमा की बाध्यता से पांच सौ बच्चे नहीं कर पाएंगे नौकरी के लिए आवेदन
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हल्द्वानी। एक वर्ष पूर्व की आयु सीमा की बाध्यता के कारण पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं स्टाफ नर्स के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। हाल ही में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद संयुक्त प्रवेश परीक्षा एवं प्रशिक्षण अनुसंधान विकास प्रकोष्ठ की ओर से चिकित्सा विभाग और राजकीय मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स की भर्ती निकाली गई है। तीन फरवरी को निकाली गई विज्ञप्ति में छात्रों की न्यूनतम आयु 01 जनवरी 2020 तक 21 वर्ष होनी चाहिए। न्यूनतम आयु 01 जनवरी 2020 निर्धारित करने से बहुत से ऐसे छात्र-छात्राओं को दिक्कत होगी जिन्होंने वर्ष 2021 में परीक्षा उत्तीर्ण की है। डिग्री होने के बाद भी न्यूनतम आयु की बाध्यता के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। छात्र-छात्राओं का कहना है कि न्यूनतम आयु सीमा में संशोधन करते हुए 01 जनवरी वर्ष 2021 से 21 वर्ष की जानी चाहिए। अगर ऐसा संशोधन नहीं होता है तो सैकड़ों छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे।
आयु सीमा में संशोधन करने का अधिकार सिर्फ शासन को है। विज्ञप्ति जारी करने वाला विभाग भी इसमें कुछ नहीं कर पाएगा। इसके लिए प्रभावित होने वाले छात्र-छात्राओं को शासन में उच्चाधिकारियों से संपर्क करना होगा।
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सुरेंद्र रावत रजिस्ट्रार, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा-शिक्षा विश्वविद्यालय
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उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद संयुक्त प्रवेश परीक्षा एवं प्रशिक्षण अनुसंधान विकास प्रकोष्ठ की ओर से चिकित्सा विभाग और राजकीय मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स की भर्ती निकाली गई है। तीन फरवरी को निकाली गई विज्ञप्ति में छात्रों की न्यूनतम आयु 01 जनवरी 2020 तक 21 वर्ष होनी चाहिए। न्यूनतम आयु 01 जनवरी 2020 निर्धारित करने से बहुत से ऐसे छात्र-छात्राओं को दिक्कत होगी जिन्होंने वर्ष 2021 में परीक्षा उत्तीर्ण की है। डिग्री होने के बाद भी न्यूनतम आयु की बाध्यता के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। छात्र-छात्राओं का कहना है कि न्यूनतम आयु सीमा में संशोधन करते हुए 01 जनवरी वर्ष 2021 से 21 वर्ष की जानी चाहिए। अगर ऐसा संशोधन नहीं होता है तो सैकड़ों छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे।
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आयु सीमा में संशोधन करने का अधिकार सिर्फ शासन को है। विज्ञप्ति जारी करने वाला विभाग भी इसमें कुछ नहीं कर पाएगा। इसके लिए प्रभावित होने वाले छात्र-छात्राओं को शासन में उच्चाधिकारियों से संपर्क करना होगा।
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सुरेंद्र रावत रजिस्ट्रार, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा-शिक्षा विश्वविद्यालय