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पेयजल संकट: पानी साफ करने में खर्च चार गुना बढ़ा, पानी मिल रहा क्षमता से आधा
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हल्द्वानी। गौला नदी में सिल्ट आने के कारण पानी फिल्टर (जलशोधन) में होने वाला खर्च चार गुना बढ़ गया है। शीशमहल फिल्टर प्लांट में 24 घंटे जलशोधन के कार्य में होने वाली फिटकरी की खपत 3,840 से बढ़कर 15,360 किलो पहुंच गई है। इससे फिटकरी का खर्च 46,080 रुपये से बढ़कर 1.80 लाख रुपये पहुंच गया है। साथ ही सिल्ट के कारण प्लांट की जलशोधन क्षमता 50 फीसदी कम हो गई।
मौसम खुलने के बाद शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी तो मिल रहा है लेकिन सिल्ट अधिक आने से प्लांट की क्षमता प्रभावित हुई है। अब 34 एमएलडी के बजाय 17 एमएलडी जलशोधन हो पा रहा है। इस कारण नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, बरेली रोड, दमुवाढूंगा, रामपुर रोड से लगे कई इलाकों में पांच दिनों से पेयजल संकट बरकरार है। विभाग की ओर से रोजाना कुल 20 टैंकर प्रभावित इलाकों में दौड़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद शीशमहल फिल्टर प्लांट से जुड़े कई इलाकों में पानी का संकट है। वहीं, इंदिरानगर के 13 बीघा इलाके का नलकूप खराब होने से दो दिनों से पेयजल संकट बरकरार है। जल संस्थान के ईई रवि लोशाली ने बताया कि सिल्ट के कारण जलशोधन की क्षमता प्रभावित हुई है।
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मौसम खुलने के बाद शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी तो मिल रहा है लेकिन सिल्ट अधिक आने से प्लांट की क्षमता प्रभावित हुई है। अब 34 एमएलडी के बजाय 17 एमएलडी जलशोधन हो पा रहा है। इस कारण नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, बरेली रोड, दमुवाढूंगा, रामपुर रोड से लगे कई इलाकों में पांच दिनों से पेयजल संकट बरकरार है। विभाग की ओर से रोजाना कुल 20 टैंकर प्रभावित इलाकों में दौड़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद शीशमहल फिल्टर प्लांट से जुड़े कई इलाकों में पानी का संकट है। वहीं, इंदिरानगर के 13 बीघा इलाके का नलकूप खराब होने से दो दिनों से पेयजल संकट बरकरार है। जल संस्थान के ईई रवि लोशाली ने बताया कि सिल्ट के कारण जलशोधन की क्षमता प्रभावित हुई है।
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