रामनगर: कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक ने लिया वीआरएस, बताया व्यक्तिगत कारण; रिटायरमेंट में अभी 11 साल बाकी
कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने वीआरएस लिया और सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक और मुख्य वन संरक्षक डॉ. साकेत बडोला ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने का निर्णय लिया है। इसके पीछे उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। उनके रिटायरमेंट में अभी करीब 11 साल शेष हैं।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार निवासी डॉ. साकेत बडोला वन सेवा में आने से पहले वह पशु चिकित्सक थे। वर्ष 2008 में उनका भारतीय वन सेवा में चयन हुआ और एक सितंबर 2008 को उन्होंने सेवा ग्रहण की। वर्ष 2009 में तराई पश्चिमी वन प्रभाग में डीएफओ के रूप में उनके सेवाकाल की शुरुआत हुई।
वह कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में उपनिदेशक रहे। इसके अलावा राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक और वन्यजीवों की तस्करी रोकने के लिए कार्यरत संस्था ट्रैफिक इंडिया के प्रमुख के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2024 में उन्हें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर तैनात किया गया। बाद में उन्हें यही से मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीआरएस लेने का निर्णय लेते हुए अपने सोशल मीडिया से जानकारी साझा की।