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दीपावली पर नेताओं का ‘दीवाला’

Fri, 28 Oct 2016 01:36 AM IST
निशांत खनी
निशांत खनी Updated Fri, 28 Oct 2016 01:36 AM IST
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Diwali leaders 'bankrupt'
fe - फोटो : getty images

विधानसभा चुनाव 2017 में विधायक का सपना देखने वाले नेताओं का दीपावली पर दीवाला निकल रहा है। टिकट के सभी दावेदार भीड़ जुटाने वालों को त्यौहार के बहाने दीपावली शगुन (तोहफे) तो वोटरों को कलेंडर बांट रहे हैं। हर विधानसभा में संभावित प्रत्याशियों में इसकी होड़ मची है।

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विधानसभा से लेकर बूथ स्तर तक कुछ खास चेहरों को ‘दीवाली ऑफर’ के साथ खुद के साथ जोड़ने का प्रयास हो रहा है। नैनीताल जिले की अधिकांश विधानसभाओं में भाजपा और कांग्रेस की तरफ से अभी तक प्रत्याशी का चेहरा तय नहीं है। दोनों ही पार्टियों से हर कोई नेता विधायक बनना चाहता है।
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इसके लिए तैयारी में भी जुटे हैं। क्षेत्र में जनसंपर्क के साथ टिकट पक्का करने के लिए आकाओं के दरबार में हाजिरी भी लगा रहे हैं। चुनाव से ठीक पहले दीपावली सबसे बड़ा त्यौहार है। दीपावली पर बतौर शगुन तोहफा देने और लेने की परंपरा भी है। संभावित दावेदारों की जेब पर यह परंपरा भारी पड़ रही है।
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अधिकांश विधानसभाओं में भाजपा और कांग्रेस से दावेदारों की सूची आधा दर्जन से अधिक है। दावेदार दीपावली ऑफर के बहाने भीड़ जुटाने वाले चेहरों पर मेहरबान हो रहे हैं। भीड़ जुटाने वालों को उनके कद के हिसाब से शगुन बांटा जा रहा है।

शगुन लेने वाले अधिकांश चेहरे किसी भी नेता के नजदीकी समर्थक नहीं हैं। लेकिन चुनावी बयार में वो भी अपने कद को भुना रहे हैं। उनका कहना है कि दीपावली पर नेताओं की मिठाई तो दूर कभी क्षेत्र में दिखाई तक नहीं पड़ते हैं। विधायक बनने के ख्वाब में इस साल दीपावली पर उन्हें वोटरों का ठेकेदार समझकर खरीद रहे हैं।

भाजपा और कांग्रेस के अधिकतर दावेदारों ने मिठाई और गिफ्ट पैक के एडवांस आर्डर बुक कराए हैं। हलवाइयों की दुकानों और गिफ्ट शॉप में सबसे अधिक आर्डर नेताओं के ही हैं। नेताओं ने थोक के भाव लक्ष्मी और गणेश जी की फोटो वाले नए साल के कलेंडर छपवाए हैं।


पाकेट कलेंडर से लेकर टांगने वाले तक शामिल हैं। कलेंडरों की खेप ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं के घर घर पहुंचाए जा रहे हैं। नेताओं में इसकी सबसे अधिक होड़ मची है।

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