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Kainchi Dham: बाबा नीब करौरी के दरबार में साल दर साल बढ़ता रहा श्रद्धा का सैलाब, सुस्त पड़ा रहा सिस्टम

Thu, 13 Jun 2024 02:57 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 13 Jun 2024 02:57 PM IST
सार

कैंची धाम के प्रति साल दर साल श्रद्धा का सैलाब बढ़ता जा रहा है। लेकिन जिस रफ्तार से श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, उसके मुकाबले सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।

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devotees kept increasing year after year in the court of Neeb Karori at kainchi dham
कैंची धाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैंची धाम के प्रति साल दर साल श्रद्धा का सैलाब बढ़ता जा रहा है। देश और दुनियाभर के लोग अपनी मनोकामना पूरी करने को लेकर बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं, लेकिन जिस रफ्तार से श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, उसके मुकाबले सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। इसका नतीजा यह है कि बाहर से आने वाले या स्थानीय लोग जाम में घंटों फंसे रहने के लिए मजबूर हैं। 15 जून को कैंची मेले की बात तो अब छोड़ दीजिए, मई शुरू होते ही भीमताल से भवाली के बीच सिस्टम हांफने लग रहा है। सरकारी मशीनरी ने जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए आज तक कोई ऐसा विकल्प तैयार नहीं किया, जिससे इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।  

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ऐसे भी बचा जा सकता है जाम से
तराई-भाबर से आने वाले श्रद्धालु भीमताल व ज्योलीकोट होते हुए पूर्व की तरह ही आएं। प्रशासन चाहे तो हली-हरतपा-रामगढ़ वाली सड़क का चौड़ीकरण करा दे और कैंची से तराई को लौटने वाले श्रद्धालुओं को इसी रोड से वापस भेजे। यानि आने जाने के लिए अलग अलग रूट। 
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इस पर चल रहा काम
भवाली बाईपास योजना दो पार्ट में है। पहला सैनिटोरियम-नैनीबैंड-6 किमी। रोड कटिंग पूरी हो चुकी है। दूसरा सैनिटोरियम -रातीघाट। इसमें रोड कटिंग का काम हो चुका है। पुलिया बन रही है। कब पूरा होगा अभी तय नहीं।

15 जून को श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष दर वर्ष

  • 2018 : 70 से 80 हजार
  • 2019 : 80 से एक लाख
  • 2020 : एक से सवा लाख
  • 2021 और 2022 : कोरोना के चलते कैंची मेला नहीं लग पाया
  • 2023 : डेढ़ लाख
  • 2024 : ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की है संभावना


मेरे सुझाव पर ही सीएम ने सैनिटोरियम-भवाली गांव-चोरसा होते हुए रातीघाट बाईपास की घोषणा की है। इससे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ से आने वाले यात्री बगैर कैंची धाम होते हुए सैनिटोरियम पहुंच जाएंगे। रामगढ़ में रिद्धी सिद्धी क्षेत्र से कटने वाली सड़क को चौड़ा कराने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
- सरिता आर्या, विधायक नैनीताल

मैंने कई बार सरकार को लिखा है कि पार्किंग की सुविधाएं बढ़ाई जाएं। विकल्प के तौर पर बाईपास तेजी से बनाया जाए, जिससे बाहर से आने वालों को दिक्कत न हो।
-राम सिंह कैड़ा, विधायक भीमताल

क्रिकेटर विराट कोहली के आने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। सोशल मीडिया के कारण भी आने वालों की संख्या बढ़ी है।
-आलोक चोपड़ा, सचिव कैंचीधाम मंदिर समिति

श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बाईपास बनाने का काम किया जा रहा है, लेकिन इसमें अभी कुछ वक्त लगेगा। विभाग की ओर से दूसरे वैकल्पिक मार्ग बनाने पर विचार चल रहा है।
- दीप चंद आर्य, कार्यवाहक मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग।

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