फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Demand for rakhis of Haldwani in outside states

बाहरी राज्यों में हल्द्वानी की राखियों की मांग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Aug 2021 03:02 AM IST
विज्ञापन
Demand for rakhis of Haldwani in outside states
हल्द्वानी। रक्षाबंधन पर्व आते ही महिलाओं का राखी बनाने का काम भी शुरू हो गया है। पिछले वर्ष लॉकडॉउन में हल्द्वानी की महिलाओं ने करीब 40 हजार राखियां तैयार कर ली थी और अच्छा रोजगार प्राप्त किया था। इस बार भी महिलाएं घरों में राखी बना रही हैं। कुछ महिलाएं ऐपण डिजायन की राखी भी बना रहीं हैं। हल्द्वानी में बनी राखियों की मांग बाहरी राज्यों में भी है।
विज्ञापन

चार हजार राखियों बनकर तैयार
हल्द्वानी। आदर्श नगर मुखानी में मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला एक दिन में 50 से अधिक राखियां बना रही है। समूह की अध्यक्ष नीलम पंत ने बताया ऊन, स्टोन, मोती, कलावा, रेशम धागा आदि से मिलकर राखी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया दिल्ली, रतलाम, बरेली से आर्डर आ रहे हैं। करीब 4000 राखी बना लीं हैं। राखी के दाम भी पांच रुपये से 35 रुपये तक रखे हैं।
विज्ञापन

ऐपण राखी, रेशम राखी, कलावा राखी पर जोर
हल्द्वानी। कल्याणी महिला समिति हरिपुर नायक कमलुवागांजा की 20-25 महिलाओं का समूह हस्तनिर्मित विभिन्न प्रकार की राखियां जैसे ऐपण राखी, रेशम राखी, कलावा राखी, मोती राखी, कुंदन राखी बना रहीं हैं। संस्था अध्यक्ष दीपा दिवाकर ने बताया कि अब तक तीन हजार राखी बना दी हैं। राखियां स्थानीय बाजार के अलावा ऑर्डर से भी खरीदी जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार कम बनाई हैं राखियां
हल्द्वानी। गिरिजा बुटीक संस्था अध्यक्ष गीता सत्यवली ने बताया जुलाई में ही सात आठ समूहों की 20 से 25 महिलाएं राखी बना रहीं हैं हर रोज पांच सौ से अधिक राखी बनकर तैयार हो रही हैं। इस बार करीब 15 हजार राखी तैयार हो चुकीं हैं। पिछली बार 15 समूहों ने करीब 40 हजार राखी बनाई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed