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जो कोरोना संक्रमित मरीज मरे, पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे
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Death by Covid in Haldwani
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जिले के जनवरी में कोरोना संक्रमित 19 मरीजों की गई जान
एक निजी अस्पताल में अल्मोड़ा जिले के एक बुर्जुग मरीज को ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। ब्रेन स्ट्रोक के चलते हालत गंभीर बनी हुई थी। जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान रोगी की मौत हो गई।
27 दिसंबर को अल्मोड़ा की 65 वर्षीय और बागेश्वर की 43 वर्षीय महिला को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दोनों को लीवर, किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां थीं। दोनों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी और तीस जनवरी को दोनों की मौत हो गई।
हल्द्वानी। यह केस बताते हैं कि नैनीताल जिले में जनवरी महीने में 19 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं, वह पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। सिर्फ कोरोना संक्रमण के चलते मौत नहीं हुई है। कुछ को छोड़कर अधिकांश की उम्र 50 साल से अधिक थी।
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पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई लोगों की मौत हुई। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो मरीज आ रहे थे, उनमें कई में सिर्फ कोरोना संक्रमण था। कोई अन्य दिक्कत नहीं थी। कई चलकर अस्पताल में पहुंचे और दो से तीन दिनों में उनकी मौत हो गई। पर हाल के दिनों में जो मौतें हुई हैं, उनमें यह नहीं कहा जा सकता है।
जिन मरीजों की मौत हुई है, वह पहले से कोई न कोई अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। जब कोरोना की जांच कराई तो उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। यदि सामान्य दिनों से तुलना करें तो यह डेथ रेट रहता है।
डॉ. जोशी कहते हैं कि अस्पताल में जो केवल कोविड की शिकायत को लेकर भर्ती हुए, उन्हें कुछ ही दिक्कत थी। बाद में वह ठीक होकर चले गए। पर लोगों को कोविड को लेकर पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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एक निजी अस्पताल में अल्मोड़ा जिले के एक बुर्जुग मरीज को ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। ब्रेन स्ट्रोक के चलते हालत गंभीर बनी हुई थी। जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान रोगी की मौत हो गई।
27 दिसंबर को अल्मोड़ा की 65 वर्षीय और बागेश्वर की 43 वर्षीय महिला को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दोनों को लीवर, किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां थीं। दोनों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी और तीस जनवरी को दोनों की मौत हो गई।
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हल्द्वानी। यह केस बताते हैं कि नैनीताल जिले में जनवरी महीने में 19 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं, वह पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। सिर्फ कोरोना संक्रमण के चलते मौत नहीं हुई है। कुछ को छोड़कर अधिकांश की उम्र 50 साल से अधिक थी।
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पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई लोगों की मौत हुई। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो मरीज आ रहे थे, उनमें कई में सिर्फ कोरोना संक्रमण था। कोई अन्य दिक्कत नहीं थी। कई चलकर अस्पताल में पहुंचे और दो से तीन दिनों में उनकी मौत हो गई। पर हाल के दिनों में जो मौतें हुई हैं, उनमें यह नहीं कहा जा सकता है।
जिन मरीजों की मौत हुई है, वह पहले से कोई न कोई अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। जब कोरोना की जांच कराई तो उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। यदि सामान्य दिनों से तुलना करें तो यह डेथ रेट रहता है।
डॉ. जोशी कहते हैं कि अस्पताल में जो केवल कोविड की शिकायत को लेकर भर्ती हुए, उन्हें कुछ ही दिक्कत थी। बाद में वह ठीक होकर चले गए। पर लोगों को कोविड को लेकर पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।