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Nainital News: रुद्रपुर के सत्यम ने लंदन की बैंक की तकनीकी सुरक्षा में खोजी खामी
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मनोज भट्ट
हल्द्वानी। रुद्रपुर निवासी साइबर एक्सपर्ट और एथिकल हैकर सत्यम ने लंदन की सेंसबैरी बैंक के सिक्योरिटी सिस्टम में हैकिंग से जुड़ी खामी ढूंढकर साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। इस एवज में बैंक ने उन्हें पांच हजार पाउंड देकर पुरस्कृत किया है।
एथिकल हैकिंग के क्षेत्र में उत्तराखंड में सत्यम रस्तोगी जाना-माना नाम हैं। रुद्रपुर निवासी 26 वर्षीय सत्यम के खाते में इस बार एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। लंदन के सेंसबैरी बैंक के सुरक्षा नेटवर्क में खामी पकड़ी है। उन्होंने समय रहते इस खामी को पकड़ लिया जिससे बैंक अपने सिक्योरिटी सिस्टम की कमजोरी को भविष्य के लिए मजबूत कर सके। अगर वह इस खामी को नहीं पकड़ते तो साइबर अपराधी बैंक सिस्टम की तकनीकी सुरक्षा पर हमला कर सकते थे।
स्वतंत्र तौर पर तकनीकी सुरक्षा का काम संभालने वाले सत्यम को बैंक ने इस कार्य के लिए पांच हजार पाउंड (पांच लाख दस हजार रुपये) पुरस्कार स्वरूप दिए हैं। बता दें कि सेंसबेरी बैंक से लंदन के हजारों लोग जुड़े हुए हैं।
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सत्यम गूगल सर्च इंजन में भी निकाल चुके हैं गलती
साइबर एक्सपर्ट और एथिकल हैकर सत्यम रस्तोगी ने बीते सालाें में सर्च इंजन गूगल में बग (गलती) खोजकर प्रसिद्धि पाई थी। इस पर गूगल की सिक्योरिटी टीम ने उन्हें बतौर इनाम 500 डॉलर की प्रोत्साहन राशि दी थी। सत्यम ने एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की वेबसाइट में भी बग ढूंढे थे। तब भी कंपनियों ने उन्हें प्रोत्साहित किया था। उन्होंने एथिकल हैकिंग में विश्वस्तरीय कंपनी में कई प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
अमेरिका की कंपनी से जुड़े हैं सत्यम
सत्यम वर्तमान में देहरादून में रहकर यूएस की एक बहुप्रतिष्ठित कंपनी के लिए कार्य कर रहे हैं। वरिष्ठ प्रबंधक सूचना सुरक्षा पद पर कार्यरत सत्यम की जिम्मेदारी कंपनी की तकनीकी सुरक्षा से जुड़े कार्य देखना है। कंपनी के सॉफ्टवेयर को हैकरों के साइबर अपराध के मंसूबों से बचाना उनकी खास जिम्मेदारी होती है। सत्यम को अमेरिका में साल 2019 में गूगल की वार्षिक कांफ्रेंस में भी आमंत्रित किया गया था। सत्यम ने इजराइल से ऑफेंसिव सिक्योरिटी सर्टिफाइड प्रोफेशनल कोर्स की ऑनलाइन पढ़ाई की है।
क्या है एथिकल हैकिंग
साइबर क्राइम रोकने और हैकरों के गलत मंसूबों को पता लगाने का कार्य करने को एथिकल हैकिंग कहते हैं। इसे आईटी सिक्योरिटी प्रोफेशनल अंजाम देते हैं जिन्हें एथिकल हैकर्स कहा जाता है। यह किसी भी कंपनी या संस्थान के साथ जुड़कर इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम को सुरक्षित बनाने का कार्य करते हैं जिससे बेवसाइट को हैक कर डाटा चोरी करने से बचाया जा सके। साथ ही ऑनलाइन नेटवर्क को सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।
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हल्द्वानी। रुद्रपुर निवासी साइबर एक्सपर्ट और एथिकल हैकर सत्यम ने लंदन की सेंसबैरी बैंक के सिक्योरिटी सिस्टम में हैकिंग से जुड़ी खामी ढूंढकर साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। इस एवज में बैंक ने उन्हें पांच हजार पाउंड देकर पुरस्कृत किया है।
एथिकल हैकिंग के क्षेत्र में उत्तराखंड में सत्यम रस्तोगी जाना-माना नाम हैं। रुद्रपुर निवासी 26 वर्षीय सत्यम के खाते में इस बार एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। लंदन के सेंसबैरी बैंक के सुरक्षा नेटवर्क में खामी पकड़ी है। उन्होंने समय रहते इस खामी को पकड़ लिया जिससे बैंक अपने सिक्योरिटी सिस्टम की कमजोरी को भविष्य के लिए मजबूत कर सके। अगर वह इस खामी को नहीं पकड़ते तो साइबर अपराधी बैंक सिस्टम की तकनीकी सुरक्षा पर हमला कर सकते थे।
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स्वतंत्र तौर पर तकनीकी सुरक्षा का काम संभालने वाले सत्यम को बैंक ने इस कार्य के लिए पांच हजार पाउंड (पांच लाख दस हजार रुपये) पुरस्कार स्वरूप दिए हैं। बता दें कि सेंसबेरी बैंक से लंदन के हजारों लोग जुड़े हुए हैं।
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सत्यम गूगल सर्च इंजन में भी निकाल चुके हैं गलती
साइबर एक्सपर्ट और एथिकल हैकर सत्यम रस्तोगी ने बीते सालाें में सर्च इंजन गूगल में बग (गलती) खोजकर प्रसिद्धि पाई थी। इस पर गूगल की सिक्योरिटी टीम ने उन्हें बतौर इनाम 500 डॉलर की प्रोत्साहन राशि दी थी। सत्यम ने एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की वेबसाइट में भी बग ढूंढे थे। तब भी कंपनियों ने उन्हें प्रोत्साहित किया था। उन्होंने एथिकल हैकिंग में विश्वस्तरीय कंपनी में कई प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
अमेरिका की कंपनी से जुड़े हैं सत्यम
सत्यम वर्तमान में देहरादून में रहकर यूएस की एक बहुप्रतिष्ठित कंपनी के लिए कार्य कर रहे हैं। वरिष्ठ प्रबंधक सूचना सुरक्षा पद पर कार्यरत सत्यम की जिम्मेदारी कंपनी की तकनीकी सुरक्षा से जुड़े कार्य देखना है। कंपनी के सॉफ्टवेयर को हैकरों के साइबर अपराध के मंसूबों से बचाना उनकी खास जिम्मेदारी होती है। सत्यम को अमेरिका में साल 2019 में गूगल की वार्षिक कांफ्रेंस में भी आमंत्रित किया गया था। सत्यम ने इजराइल से ऑफेंसिव सिक्योरिटी सर्टिफाइड प्रोफेशनल कोर्स की ऑनलाइन पढ़ाई की है।
क्या है एथिकल हैकिंग
साइबर क्राइम रोकने और हैकरों के गलत मंसूबों को पता लगाने का कार्य करने को एथिकल हैकिंग कहते हैं। इसे आईटी सिक्योरिटी प्रोफेशनल अंजाम देते हैं जिन्हें एथिकल हैकर्स कहा जाता है। यह किसी भी कंपनी या संस्थान के साथ जुड़कर इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम को सुरक्षित बनाने का कार्य करते हैं जिससे बेवसाइट को हैक कर डाटा चोरी करने से बचाया जा सके। साथ ही ऑनलाइन नेटवर्क को सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।