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यूओयू के समक्ष परीक्षा केंद्रों का संकट
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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) और कुमाऊं विश्वविद्यालय (कुमाऊं विवि) की परीक्षाएं 14 सितंबर से एक साथ होने से मुक्त विश्वविद्यालय के सामने परीक्षा केंद्रों का संकट पैदा हो गया है। गढ़वाल में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय और गढ़वाल विश्वविद्यालय की परीक्षाएं चलने से वहां भी कई परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में पेच फंसा हुआ है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने भी 14 सितंबर से परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। प्रदेश भर में 50 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 15444 परीक्षार्थी शामिल होंगे। मुक्त विवि राजकीय महाविद्यालयों में ही अपनी परीक्षाएं कराता है।
मुक्त विवि ने चार नए परीक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी, धूमाकोट, नैनीडांडा चौबट्टाखाल को बनाया था लेकिन यहां संस्थागत छात्रों की परीक्षाएं प्रस्तावित होने की वजह से मुक्त विवि की परीक्षाएं होनी मुश्किल हैं। मामला फंसने पर मुक्त विश्वविद्यालय अपनी परीक्षाओं का समय और पेपर आगे-पीछे करने की कसरत में जुटा है।
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- परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में कुछ दिक्कतें आ रहीं हैं, जिसे जल्द हल कर लिया जाएगा। सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की है। - प्रो. पीडी पंत, परीक्षा नियंत्रक
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने भी 14 सितंबर से परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। प्रदेश भर में 50 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 15444 परीक्षार्थी शामिल होंगे। मुक्त विवि राजकीय महाविद्यालयों में ही अपनी परीक्षाएं कराता है।
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मुक्त विवि ने चार नए परीक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी, धूमाकोट, नैनीडांडा चौबट्टाखाल को बनाया था लेकिन यहां संस्थागत छात्रों की परीक्षाएं प्रस्तावित होने की वजह से मुक्त विवि की परीक्षाएं होनी मुश्किल हैं। मामला फंसने पर मुक्त विश्वविद्यालय अपनी परीक्षाओं का समय और पेपर आगे-पीछे करने की कसरत में जुटा है।
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- परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में कुछ दिक्कतें आ रहीं हैं, जिसे जल्द हल कर लिया जाएगा। सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की है। - प्रो. पीडी पंत, परीक्षा नियंत्रक