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बिजली मिस्त्री से कातिल बना जाकिर
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sun, 17 May 2015 01:48 AM IST
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ट्रेन से फरार अपराधी जाकिर हुसैन को बहन के अपहरण की घटना ने ऐसा झकझोरा कि वह जरायम की दुनिया में कूद गया। योजना के तहत वह अपहरण की राजदार महिला को हरियाणा से नैनीताल घुमाने के बहाने लेकर आया। यहां शराब में जहर पिलाकर राजदार महिला कंचनबाला को मार डाला। इस प्रकार एक बिजली मिस्त्री से जाकिर कातिल बन गया।
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रामपुर जिले के दडियाल थाना धौराटांडा का मूल निवासी जाकिर हुसैन अपने पिता शाहिद हुसैन के साथ हरियाणा के फरीदाबाद में काम करने के लिए गया था। पिता ठेके पर मकान बनाने का काम करते थे और जाकिर बिजली मिस्त्री का काम करता था। काम करते समय उसकी फरीदाबाद निवासी विनोद कुमार की पत्नी कंचनबाला से नजदीकियां बढ़ गई। इस बीच जाकिर की बहन का भी अपहरण हो गया। कुछ दिनों बाद उसकी बहन घर लौट गई। बहन ने बुलेट मोटरसाइकिल सवार अपहर्ताओं को अपने भाई जाकिर को दिखाया था।
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अपहर्ता कंचनबाला के घर भी आते जाते थे। तल्लीताल थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने जाकिर के मुकदमे के रिकार्ड देखने के बाद बताया कि जाकिर को यह लगा कि महिला कंचनबाला उसको भी मरवा सकती है। अपहरण के पीछे कंचनबाला का हाथ हो सकता है, जिस पर वह महिला को 25 अगस्त 2002 को घुमाने के बहाने नैनीताल लेकर आया। यहां होटल में दोनों तीन दिन ठहरे। महिला शराब पीने की आदी थी। जाकिर ने शराब में जहर मिलाकर महिला को पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पति विनोद ने नौ सितंबर को तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने जाकिर को गिरफ्तार कर लिया। सेशन कोर्ट ने 14 जून 2004 को हत्या का दोषी पाते हुए जाकिर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तभी से वह हरिद्वार जेल में बंद था।
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जाकिर ने शादी के वक्त छिपाई थी हत्या की बात
ट्रेन से फरार अपराधी जाकिर की पत्नी नईमा सफदर का बगीचा स्थित अपने मायके में रहती है। पत्नी ने बताया कि उसकी शादी आठ साल पहले जाकिर से हुई थी, लेकिन शादी के समय उसने कंचनबाला की हत्या की बात नहीं बताई थी। शादी के कुछ दिनों बाद उसे पति की स्थिति के बारे में जानकारी मिली। जाकिर से सात एवं छह साल की दो बेटियां और ढाई साल का एक बेटा है। पत्नी और बच्चों का खर्च उसके चार भाई चलाते हैं।
पुलिस ने पत्नी और सास से की पूछताछ
कोतवाली पुलिस ने बताया कि जाकिर के पुलिस कस्टडी से भागने पर उसकी पत्नी और मां सफीकन से भी पूछताछ की गई। सफीकन की हालत खराब होने पर पुलिस ने दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया।