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बंदी की मौत की गुत्थी तो अभी अनसुलझी है
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 May 2017 02:11 AM IST
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- फोटो : graphic
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उपकारागार परिसर में ट्रक से कुचलकर बंदी की मौत कैसे हुई इस सवाल को भले ही प्रशासन और पुलिस के अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे हैं मगर इसने जेल प्रशासन की लापरवाही की पोल जरूर खोल दी है। इस घटना से बंदियों की सुरक्षा के आधे अधूरे इंतजाम और अफसरों की बेरुखी साफ झलकती है।
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रविवार को वीडियो रिकार्डिंग के बीच दो डॉक्टरों ने बंदी के शव का पोस्टमार्टम किया। इससे पता चला है कि जेल में बंदी की मौत सीने में लगी चोट के चलते हुई है। हल्द्वानी उपकारागार परिसर में शनिवार सुबह साढ़े दस बजे ट्रक एचआर 37ए 4040 की टक्कर से खटीमा के चारूबेटा निवासी बंदी दीनदयाल (40) की मौत हो गई थी। आनन-फानन में बंदीरक्षक उसे लेकर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल पहुंचे लेकिन उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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कोतवाली पुलिस ने इस मामले में जेलर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर ट्रक चालक ओम प्रकाश निवासी सिसौना खजूरिया (रामपुर) को गिरफ्तार कर लिया। नायब तहसीलदार प्रहलाद राम की देखरेख में शव का पंचायतनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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डॉ. दिलीप वार्ष्णेय और दीपक कुमार अटल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पता चला है कि बंदी को सीने में ही गंभीर चोट लगी थी। शरीर के अन्य भाग क्षतिग्रस्त नहीं थे। कयास लगाया जा रहा है कि उसकी मौत टक्कर लगने से हुई है। तेज टक्कर से सीने की हड्डियां क्षतिग्रस्त हुई है।
जांच हीरानगर चौकी प्रभारी को
इस मामले की विवेचना हीरानगर चौकी प्रभारी प्रताप नगरकोटी को दी गई है। उनका कहना है कि विवेचना के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उधर, एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी ने बताया कि पूछताछ के बाद ट्रक ड्राइवर ओम प्रकाश को थाने से ही जमानत के बाद छोड़ दिया गया है।
उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाएगी। जानकारी हासिल करेगी कि कैदी किन हालातों में ट्रक के पास आया था। इस मामले में किसी अन्य की भूमिका तो नहीं थी।