{"_id":"5b4271964f1c1bc5248b549c","slug":"31531081110-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हल्\nद्वानी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा एक जवान के हवाले","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हल् द्वानी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा एक जवान के हवाले
Updated Mon, 09 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केस 1
बात पिछले दिनों की है। रात नौ बजे जैसे ही रानीखेत एक्सप्रेस दिल्ली को रवाना हुई, ट्रेन पर चढ़ रहे एक परिवार के हाथ से बैग छीन लिया गया। दो युवक बैग लेकर तेजी से भागे और प्लेटफार्म एक पर लोहे के ग्रिल से छलांग लगाकर बाहर निकल गए। परिवार का मुखिया चिल्लाता रहा मगर ट्रेन छूट रही थी इसलिए पीछा करने के बजाय चुप हो गया और ट्रेन में सवार हो गया।
केस 2
तीन दिन पहले डहरिया से एक परिवार लखनऊ जाने के लिए टेंपो से स्टेशन पहुंचा। स्टेशन परिसर में टेंपो की गति धीमी होने पर पीछे से दो बच्चे चढ़ गए और बैग नीचे फेंकने लगे। पीछे से आ रहे बाइक सवार की नजर पड़ी तो हल्ला कर दोनों को उतारा लेकिन पलक झपकते ही दोनों बच्चे भाग गए।
हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन पर जा रहे हैं तो सतर्क रहिए। यहां चोर उचक्कों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि पूरा रेलवे स्टेशन केवल एक जवान के भरोसे है। सीसीटीवी नहीं लगे हैं। एकमात्र डोर मेटल डिटेक्टर लंबे समय से खराब है।
विज्ञापन
यह हाल तब है जबकि रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। स्टेशन के दोनों ओर बस्तियां होने से रोजाना सैकड़ों आदमी स्टेशन से ही एक ओर से दूसरी ओर जाते हैं। रोजाना हजारों यात्री स्टेशन से आवाजाही करते हैं फिर भी स्टेशन पर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की पोस्ट/चौकी तक नहीं है। आरपीएफ और जीआरपी से एक-एक जवान की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई जाती है।
सिर्फ एक जवान के भरोसे है सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी भी नहीं हैं
07 ट्रेनों का रोजाना होता है आवागमन, लगभग 5,000 यात्री हर दिन करते हैं सफर
रेलवे अदालत शिफ्ट होने से घट गए जवान
हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन परिसर में पहले रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत थी। तब यहां सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ के कई जवान तैनात रहते थे। तीन चार महीने पहले जब यह अदालत जजी कंपाउंड शिफ्ट हो गई तब से वहां जवानों की ड्यूटी हटा दी गई। अब सिर्फ एक ही जवान की ड्यूटी लगाई जाती है।
फोर्स की कमी है, अभी एक ही जवान को आठ घंटे की ड्यूटी पर लगाया जाता है। फोर्स बढ़ने के बाद रेलवे स्टेशन पर जवान बढ़ाए जाएंगे।
- चंद्रसेन सिंह, प्रभारी आरपीएफ पोस्ट
विज्ञापन
बात पिछले दिनों की है। रात नौ बजे जैसे ही रानीखेत एक्सप्रेस दिल्ली को रवाना हुई, ट्रेन पर चढ़ रहे एक परिवार के हाथ से बैग छीन लिया गया। दो युवक बैग लेकर तेजी से भागे और प्लेटफार्म एक पर लोहे के ग्रिल से छलांग लगाकर बाहर निकल गए। परिवार का मुखिया चिल्लाता रहा मगर ट्रेन छूट रही थी इसलिए पीछा करने के बजाय चुप हो गया और ट्रेन में सवार हो गया।
केस 2
तीन दिन पहले डहरिया से एक परिवार लखनऊ जाने के लिए टेंपो से स्टेशन पहुंचा। स्टेशन परिसर में टेंपो की गति धीमी होने पर पीछे से दो बच्चे चढ़ गए और बैग नीचे फेंकने लगे। पीछे से आ रहे बाइक सवार की नजर पड़ी तो हल्ला कर दोनों को उतारा लेकिन पलक झपकते ही दोनों बच्चे भाग गए।
विज्ञापन
हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन पर जा रहे हैं तो सतर्क रहिए। यहां चोर उचक्कों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि पूरा रेलवे स्टेशन केवल एक जवान के भरोसे है। सीसीटीवी नहीं लगे हैं। एकमात्र डोर मेटल डिटेक्टर लंबे समय से खराब है।
विज्ञापन
यह हाल तब है जबकि रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। स्टेशन के दोनों ओर बस्तियां होने से रोजाना सैकड़ों आदमी स्टेशन से ही एक ओर से दूसरी ओर जाते हैं। रोजाना हजारों यात्री स्टेशन से आवाजाही करते हैं फिर भी स्टेशन पर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की पोस्ट/चौकी तक नहीं है। आरपीएफ और जीआरपी से एक-एक जवान की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई जाती है।
सिर्फ एक जवान के भरोसे है सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी भी नहीं हैं
07 ट्रेनों का रोजाना होता है आवागमन, लगभग 5,000 यात्री हर दिन करते हैं सफर
रेलवे अदालत शिफ्ट होने से घट गए जवान
हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन परिसर में पहले रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत थी। तब यहां सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ के कई जवान तैनात रहते थे। तीन चार महीने पहले जब यह अदालत जजी कंपाउंड शिफ्ट हो गई तब से वहां जवानों की ड्यूटी हटा दी गई। अब सिर्फ एक ही जवान की ड्यूटी लगाई जाती है।
फोर्स की कमी है, अभी एक ही जवान को आठ घंटे की ड्यूटी पर लगाया जाता है। फोर्स बढ़ने के बाद रेलवे स्टेशन पर जवान बढ़ाए जाएंगे।
- चंद्रसेन सिंह, प्रभारी आरपीएफ पोस्ट