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हाइकोर्ट के आदेशों की अवेहलना
Updated Sat, 12 Aug 2017 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। नगर निगम की टीम ने ट्रंचिंग ग्राउंड में सुशीला तिवारी अस्पताल की ओर से डाला गया बॉयोमेडिकल वेस्ट पकड़ा है। इस पर नगर आयुक्त ने सुशीला तिवारी अस्पताल पर 20 हजार का जुर्माना लगाते हुए उसके सभी कूड़े को ट्रंचिंग ग्राउंड में डालने पर रोक लगा दी है। तीन दिन में जुर्माना नहीं देने पर राजस्व वसूली की तरह वसूलने की चेतावनी भी दी है।
शुक्रवार को नगर निगम के सफाई निरीक्षक अमोल असवाल रुटीन जांच कर रहे थे। इस दौरान एक गाड़ी मेडिकल वेस्ट ट्रंचिंग ग्राउंड पर कूड़ा डालकर चली गई। निगम के सफाई निरीक्षकों ने जांच की तो उसमें सुशीला तिवारी अस्पताल के पर्चे, सरकारी कागज और भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिला। उन्होंने इसकी शिकायत नगर आयुक्त से की।
नगर आयुक्त हरबीर सिंह ने सुशीला तिवारी अस्पताल पर एनजीटी की धाराओं के तहत 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही तीन दिन में जुर्माना नहीं देने पर भू राजस्व की भांति वसूली करने की चेतावनी दी है। उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सभी कूड़े को ट्रंचिंग ग्राउंड में डालने पर रोक लगा दी गई है। पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
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तीन दिन में जुर्माना नहीं देने पर राजस्व वसूली की तरह वसूलने की चेतावनी
सुशीला तिवारी और मेडिकल कॉलेज का कूड़ा हुआ बैन
अब ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डाल पाएंगे कूड़ा
हल्द्वानी। नगर निगम के अधिकारी हाइकोर्ट के आदेशों का पालन कराने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रंचिंग ग्राउंड में खुलेआम मेडिकल वेस्ट डाला जा रहा है। शुक्रवार को ट्रंचिंग ग्राउंड में मेडिकल वेस्ट डालने से इसकी पोल खुलकर सामने आ गई।
निगमों के कागजों में देखें तो सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट सुशीला तिवारी के पास बने स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में लगे इंसुलेटर में जाता है। साथ ही प्राइवेट अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट ग्लोबल काशीपुर जाता है।
यह सिर्फ हाइकोर्ट की आंखों में धूल झोंकने के लिए है। असलियत में बाूयोमेडिकल वेस्ट हल्द्वानी के ट्रंचिंग ग्राउंड में जाता है। शुक्रवार को नगर निगम के निरीक्षकों ने यह बॉयोमेडिकल वेस्ट पकड़कर इस बात का प्रमाण भी दे दिया।
एक सफाई निरीक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हल्द्वानी के कई प्राइवेट अस्पतालों का बॉयोमेडिकल वेस्ट चोरी छिपे ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े में दबाया जाता है। इसमें निगम के कुछ सफाई कर्मचारी भी शामिल रहते हैं।
निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को नहीं पता कितना निकलता है मेडिकल वेस्ट
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार को यह पता नहीं है कि शहर से कितना बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। उनसे जब ये पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट काशीपुर ग्लोबल के पास जाता है। वहां फोन करके पूछ लो। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
प्राचार्य बोले- शहर के अस्पताल डाल रहे हैं ट्रंचिंग ग्राउंड में बायोमेडिकल वेस्ट
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि यह बॉयोमेडिकल वेस्ट उनका नहीं है। उनकी ओर से मेडिकल कॉलेज का अन्य कूड़ा वहां डाला गया था। वहां पहले से ही बॉयोमेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह बॉयोमेडिकल वेस्ट शहर के अन्य अस्पताल डाल रहे हैं। उनका बॉयोमेडिकल वेस्ट इंसुलेटर में जाता है।
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शुक्रवार को नगर निगम के सफाई निरीक्षक अमोल असवाल रुटीन जांच कर रहे थे। इस दौरान एक गाड़ी मेडिकल वेस्ट ट्रंचिंग ग्राउंड पर कूड़ा डालकर चली गई। निगम के सफाई निरीक्षकों ने जांच की तो उसमें सुशीला तिवारी अस्पताल के पर्चे, सरकारी कागज और भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिला। उन्होंने इसकी शिकायत नगर आयुक्त से की।
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नगर आयुक्त हरबीर सिंह ने सुशीला तिवारी अस्पताल पर एनजीटी की धाराओं के तहत 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही तीन दिन में जुर्माना नहीं देने पर भू राजस्व की भांति वसूली करने की चेतावनी दी है। उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सभी कूड़े को ट्रंचिंग ग्राउंड में डालने पर रोक लगा दी गई है। पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
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तीन दिन में जुर्माना नहीं देने पर राजस्व वसूली की तरह वसूलने की चेतावनी
सुशीला तिवारी और मेडिकल कॉलेज का कूड़ा हुआ बैन
अब ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डाल पाएंगे कूड़ा
हल्द्वानी। नगर निगम के अधिकारी हाइकोर्ट के आदेशों का पालन कराने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रंचिंग ग्राउंड में खुलेआम मेडिकल वेस्ट डाला जा रहा है। शुक्रवार को ट्रंचिंग ग्राउंड में मेडिकल वेस्ट डालने से इसकी पोल खुलकर सामने आ गई।
निगमों के कागजों में देखें तो सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट सुशीला तिवारी के पास बने स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में लगे इंसुलेटर में जाता है। साथ ही प्राइवेट अस्पताल का बॉयोमेडिकल वेस्ट ग्लोबल काशीपुर जाता है।
यह सिर्फ हाइकोर्ट की आंखों में धूल झोंकने के लिए है। असलियत में बाूयोमेडिकल वेस्ट हल्द्वानी के ट्रंचिंग ग्राउंड में जाता है। शुक्रवार को नगर निगम के निरीक्षकों ने यह बॉयोमेडिकल वेस्ट पकड़कर इस बात का प्रमाण भी दे दिया।
एक सफाई निरीक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हल्द्वानी के कई प्राइवेट अस्पतालों का बॉयोमेडिकल वेस्ट चोरी छिपे ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े में दबाया जाता है। इसमें निगम के कुछ सफाई कर्मचारी भी शामिल रहते हैं।
निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को नहीं पता कितना निकलता है मेडिकल वेस्ट
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार को यह पता नहीं है कि शहर से कितना बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। उनसे जब ये पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट काशीपुर ग्लोबल के पास जाता है। वहां फोन करके पूछ लो। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
प्राचार्य बोले- शहर के अस्पताल डाल रहे हैं ट्रंचिंग ग्राउंड में बायोमेडिकल वेस्ट
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि यह बॉयोमेडिकल वेस्ट उनका नहीं है। उनकी ओर से मेडिकल कॉलेज का अन्य कूड़ा वहां डाला गया था। वहां पहले से ही बॉयोमेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह बॉयोमेडिकल वेस्ट शहर के अन्य अस्पताल डाल रहे हैं। उनका बॉयोमेडिकल वेस्ट इंसुलेटर में जाता है।