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सातताल के जंगलों में हो रहा है निर्दोष प्राणियों का शिकार
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:53 AM IST
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भीमताल (नैनीताल)। सातताल में बांज के हरेभरे जंगलों में कई प्रजातियों के वन्यजीव रहते हैं। कई लोग प्राणियों को मारकर उनका मांस खा रहे हैं। इससे चिंतित पक्षी प्रेमियों ने शिकार, वनों के अवैध कटान, जंगलों में धड़ल्ले से बनाए जा रहे भवन निर्माणों पर रोक लगाने की मांग की है।
सातताल का हराभरा बांज का जंगल वन्यजीवों समेत देशी-विदेशी पर्यटकों को भी बेहद पसंद है। जलवायु, पानी संरक्षण में भी बांज के इन हरे जंगलों का बड़ा महत्व है। इसके बावजूद इन जंगलों में धड़ल्लों से वन्यजीवों का शिकार किया जा रहा है। इसके चलते यहां पहुंचने वाले देशी, विदेशी पक्षी प्रेमी प्राणियों को मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। वह वन्यजीव देखे बिना लौटने का मजबूर हैं। पक्षी प्रेमी नीर बनकोटी, विक्रम सिंह कंडारी, प्रभु हजारा इससे चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से सातताल, गरुड़ताल, धूपचौड़, हिडिंबा धाम के जंगलों में शिकार किया जा रहा है। शिकार होने से इन जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इस कारण काकड़, जंगली मुर्गी, उल्लू आदि प्राणी अब कम दिखाई दे रहे हैं। सभी ने वन विभाग के अधिकारियों से शिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जंगलों में फायरिंग कर मारे जा रहे वन्यजीव
पक्षी प्रेमियों ने वन विभाग से प्राणियों को बचाने की मांग की
- सातताल क्षेत्र के जंगलों में वन्यप्राणियों के शिकार की सूचना मिली है। वहां वन विभाग की टीम भेजकर सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- धरम सिंह मीणा
डीएफओ, नैनीताल वन प्रभाग।
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सातताल का हराभरा बांज का जंगल वन्यजीवों समेत देशी-विदेशी पर्यटकों को भी बेहद पसंद है। जलवायु, पानी संरक्षण में भी बांज के इन हरे जंगलों का बड़ा महत्व है। इसके बावजूद इन जंगलों में धड़ल्लों से वन्यजीवों का शिकार किया जा रहा है। इसके चलते यहां पहुंचने वाले देशी, विदेशी पक्षी प्रेमी प्राणियों को मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। वह वन्यजीव देखे बिना लौटने का मजबूर हैं। पक्षी प्रेमी नीर बनकोटी, विक्रम सिंह कंडारी, प्रभु हजारा इससे चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से सातताल, गरुड़ताल, धूपचौड़, हिडिंबा धाम के जंगलों में शिकार किया जा रहा है। शिकार होने से इन जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इस कारण काकड़, जंगली मुर्गी, उल्लू आदि प्राणी अब कम दिखाई दे रहे हैं। सभी ने वन विभाग के अधिकारियों से शिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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जंगलों में फायरिंग कर मारे जा रहे वन्यजीव
पक्षी प्रेमियों ने वन विभाग से प्राणियों को बचाने की मांग की
- सातताल क्षेत्र के जंगलों में वन्यप्राणियों के शिकार की सूचना मिली है। वहां वन विभाग की टीम भेजकर सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- धरम सिंह मीणा
डीएफओ, नैनीताल वन प्रभाग।