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जीवित युवक को मृत बताने का आरोप

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 01:57 AM IST
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जीवित युवक को मृत बताने का आरोप
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हल्द्वानी। देवलचौड़ बंदोबस्ती के किशोर की एसटीएच में मौत के बाद साथियों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार की रात हंगामा किया। आरोप लगाया कि मृत घोषित होने के एक घंटे तक किशोर जिंदा था लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते उसका समुचित इलाज नहीं किया। हंगामे की जानकारी मिलने पर पुलिस ने समझा बुझाकर हंगामा कर लोगों को शांत कराया।
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देवलचौड़ बंदोबस्ती निवासी भुवन थापा (17) पुत्र पप्पू थापा ड्राइविंग सीख रहा था। रविवार शाम उसकी अपने छोटे भाइयों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस बीच उसने शराब में जहर मिलाकर पी लिया। पहले परिजनों ने समझा कि भुवन शराब पीकर लड़खड़ा रहा है लेकिन उल्टी शुरू होने पर परिजनों के साथ साथी उसे लेकर एसटीएच गए। यहां डॉक्टरों ने देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद युवक के साथी गाड़ी लेने के लिए चले गए। लौटकर साथी आए तो उसका पैर हिल रहा था। इस पर साथियों ने इसकी शिकायत अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टर से की लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि पता नहीं किस डॉक्टर ने पहले देखा था। कर्मचारियों का सही जवाब नहीं मिलने पर साथियों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस बीच किशोर भुवन की मां लक्ष्मी अपने बेटे की लाश देखकर रोती रही। साथियों का आरोप था कि यदि डॉक्टरों ने सही समय पर उसका इलाज शुरू किया होता तो वह बच सकता था। हंगामे की जानकारी मिलने पर मंडी चौकी से पुलिस भी आ गई। डॉक्टरों और पुलिस ने समझा बुझाकर साथियों को शांत कराया। मृत घोषित होने के बाद अस्पताल ने उसका शव मोर्चरी के लिए भेज दिया।
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फोटो
डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप, साथियों ने किया हंगामा
मृत घोषित होने के एक घंटे बाद तक जिंदा रहा किशोर
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