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रात में डेढ़ घंटे बंधक रहे वन विभाग के अधिकारी
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:49 AM IST
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रामनगर अस्पताल में भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। मालधन के मोहननगर में बाघ के हमले में मारे गए युवक की मौत के बाद जब वन विभाग की टीम पहुंची तो ग्रामीणों में आक्रोश था। डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग थी, लेकिन डीएफओ नहीं पहुंचे। इस पर ग्रामीणों ने एसडीओ, रेंजर सहित वन कर्मियों को वन चौकी में बंधक बना लिया। डीएफओ और एसडीएम के फोन पर पहुंची पुलिस ने डेढ़ घंटे बाद बंधनमुक्त कराया।
मवेशी को तलाश करने के लिए जंगल में गए वीरेंद्र सिंह को बाघ द्वारा मारने और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा किया। वे मंगलवार रात आठ बजे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। जब डीएफओ मौके पर नहीं पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी में एसडीओ कमल सिंह बिष्ट, रेंजर महेश चंद्र शर्मा, ऑफिस स्टाफ मनोज पांडे सहित अन्य वन कर्मियों को बंधक बना लिया। बंधक बनाए जाने के बाद वे वन विभाग की चौकी पर तोड़फोड़ करने लगे। स्थिति को बेकाबू होते देख मौके से एसडीओ ने डीएफओ व एसडीएम परितोष वर्मा को फोन पर जानकारी दी। एसडीएम ने रामनगर पुलिस से वन विभाग के अधिकारियों को मौके से निकालने को कहा। जिस पर मालधन पुलिस चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची और सभी वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराया। वन विभाग के अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए रामनगर भिजवाया।
90 हजार का चेक और अस्थाई नौकरी देने पर माने
रामनगर (नैनीताल)। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा कर रहे मृतक के परिजन और ग्रामीणों से तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीण बोले- वन विभाग अगर सुस्त बनेगा तो वे खुद ही बाघ से निपट लेंगे। बाद में डीएफओ ने तीन लाख रुपये मुआवजे की घोषणा कर 90 हजार का चेक तत्काल और मृतक के बड़े बेटे को अस्थाई नौकरी देने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण माने।
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रामनगर पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह साढ़े आठ बजे से मालधन मोहननगर के ग्रामीण पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस वाली सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने सड़क से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया। करीब सवा 11 बजे डीएफओ डीके सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व मृतक के परिजनों से वार्ता की। ग्रामीण मृतक के बड़े बेटे बलजीत को नौकरी व मुआवजा में पांच लाख रुपये देने की मांग करने लगे। इस पर डीएफओ ने कहा कि विभाग की ओर से 3 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ की ओर से 50 हजार और कॉर्बेट फांउडेशन की ओर से भी 30 से 40 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा। तीन लाख में से 90 हजार रुपये का चेक तत्काल मिलेगा और बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दिया जाएगा।
मोर्चरी पर रहा नेताओं का जमघट
ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मालधन से कांग्रेसी नेता किशोरी लाल आर्या, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी, राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमित लोहनी सहित अन्य राजनीति नेताओं का जमघट रहा।
दहशत में स्कूल नहीं गए बच्चे
मालधन मोहनगर में बाघ की दहशत के कारण सुबह बच्चे भी दहशत के मारे स्कूल नहीं गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय बारी-बारी रतजगा किया जाएगा।
बाघ को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा
रामनगर/मालधन चौड़ (नैनीताल)। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से पिंजरा लगा दिया गया है, इसके अलावा कैमरा ट्रेप को भी लगाया जा रहा है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने खुद सुबह मौके पर जाकर घटनास्थल की जानकारी ली। शाम के समय दक्षिणी जसपुर रेंज के रेंजर महेश चंद शर्मा ने जंगल के अंदर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है तो वहीं वन कर्मियों ने जंगल के अंदर गश्त भी की। स्कूल खुलने व बंद होने के समय पर वन कर्मियों की गश्त को बढ़ा दिया गया है। आम रास्तों के दोनों तरफ की झाड़ियों को साफ किया जा रहा है।
- वन चौकी पर एसडीओ, रेंजर और अन्य बनाए थे बंधक
- डीएफओ और एसडीएम के फोन पर पहुंची थी पुलिस
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मवेशी को तलाश करने के लिए जंगल में गए वीरेंद्र सिंह को बाघ द्वारा मारने और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा किया। वे मंगलवार रात आठ बजे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। जब डीएफओ मौके पर नहीं पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी में एसडीओ कमल सिंह बिष्ट, रेंजर महेश चंद्र शर्मा, ऑफिस स्टाफ मनोज पांडे सहित अन्य वन कर्मियों को बंधक बना लिया। बंधक बनाए जाने के बाद वे वन विभाग की चौकी पर तोड़फोड़ करने लगे। स्थिति को बेकाबू होते देख मौके से एसडीओ ने डीएफओ व एसडीएम परितोष वर्मा को फोन पर जानकारी दी। एसडीएम ने रामनगर पुलिस से वन विभाग के अधिकारियों को मौके से निकालने को कहा। जिस पर मालधन पुलिस चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची और सभी वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराया। वन विभाग के अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए रामनगर भिजवाया।
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90 हजार का चेक और अस्थाई नौकरी देने पर माने
रामनगर (नैनीताल)। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा कर रहे मृतक के परिजन और ग्रामीणों से तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीण बोले- वन विभाग अगर सुस्त बनेगा तो वे खुद ही बाघ से निपट लेंगे। बाद में डीएफओ ने तीन लाख रुपये मुआवजे की घोषणा कर 90 हजार का चेक तत्काल और मृतक के बड़े बेटे को अस्थाई नौकरी देने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण माने।
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रामनगर पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह साढ़े आठ बजे से मालधन मोहननगर के ग्रामीण पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस वाली सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने सड़क से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया। करीब सवा 11 बजे डीएफओ डीके सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व मृतक के परिजनों से वार्ता की। ग्रामीण मृतक के बड़े बेटे बलजीत को नौकरी व मुआवजा में पांच लाख रुपये देने की मांग करने लगे। इस पर डीएफओ ने कहा कि विभाग की ओर से 3 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ की ओर से 50 हजार और कॉर्बेट फांउडेशन की ओर से भी 30 से 40 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा। तीन लाख में से 90 हजार रुपये का चेक तत्काल मिलेगा और बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दिया जाएगा।
मोर्चरी पर रहा नेताओं का जमघट
ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मालधन से कांग्रेसी नेता किशोरी लाल आर्या, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी, राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमित लोहनी सहित अन्य राजनीति नेताओं का जमघट रहा।
दहशत में स्कूल नहीं गए बच्चे
मालधन मोहनगर में बाघ की दहशत के कारण सुबह बच्चे भी दहशत के मारे स्कूल नहीं गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय बारी-बारी रतजगा किया जाएगा।
बाघ को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा
रामनगर/मालधन चौड़ (नैनीताल)। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से पिंजरा लगा दिया गया है, इसके अलावा कैमरा ट्रेप को भी लगाया जा रहा है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने खुद सुबह मौके पर जाकर घटनास्थल की जानकारी ली। शाम के समय दक्षिणी जसपुर रेंज के रेंजर महेश चंद शर्मा ने जंगल के अंदर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है तो वहीं वन कर्मियों ने जंगल के अंदर गश्त भी की। स्कूल खुलने व बंद होने के समय पर वन कर्मियों की गश्त को बढ़ा दिया गया है। आम रास्तों के दोनों तरफ की झाड़ियों को साफ किया जा रहा है।
- वन चौकी पर एसडीओ, रेंजर और अन्य बनाए थे बंधक
- डीएफओ और एसडीएम के फोन पर पहुंची थी पुलिस