{"_id":"606a1b468ebc3e591536f0a0","slug":"coronarupi-monster-resurfaced-in-april-haldwani-news-hld4205379147","type":"story","status":"publish","title_hn":"अप्रैल में फिर जाग उठा कोरोनारूपी राक्षस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अप्रैल में फिर जाग उठा कोरोनारूपी राक्षस
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। साल नया जरूर है पर कोरोना वायरस का प्रकोप पुराने कहर की याद दिलाने लगा है। महीना अप्रैल ही था जब पिछले साल कोरोना की दस्तक से सब थम गया था। अब अप्रैल में कोरोना रूपी राक्षस फिर मजबूती से खड़ा होकर लोगों को डरा रहा है। जिले में कोरोना का पहला केस सामने आने के ठीक एक साल बाद चार अप्रैल को 54 लोग कोरोना संक्रमित आए हैं।
अप्रैल 2020 में ही नैनीताल जिले में कोविड की शुरुआत हुई थी। चार अप्रैल 2020 को कोविड के पांच केस सामने आए थे। इसके बाद कोरोना का कहर बढ़ता चला गया था। अप्रैल 2020 में एसटीएच में कोविड के 38 मरीज भर्ती हुए थे। मई 2020 में नैनीताल जिले में कोविड से दो लोगों की मौत हुई थी। सबसे अधिक कोविड के केस और मौतें सितंबर में हुई थीं। जनवरी 2021 से मार्च 2021 तक कोविड के केस कुछ कम हुए। मगर अप्रैल की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर कोविड के मामले बढ़ने लगे हैं। अब शासन ने भी कोविड कीजांचें बढ़ाने को कहा है। मास्क पहनने के अलावा सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर भी कोविड की जांचें शुरू कर दी हैं।
कोविड को लेकर न बरतें लापरवाही
हल्द्वानी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय शर्मा सितंबर साल 2020 में कोविड पॉजिटिव हुए थे। उनका स्वास्थ्य खराब हुआ था। डॉ. शर्मा का कहना है कि कोविड होने के बाद परिजनों के सैंपल भी जांच को जाते हैं। परिवार में किसी के भी कोविड पॉजिटिव होने पर घरवाले डरे हुए रहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोविड को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। कोविड को लेकर जारी की गई गाइडलाइन का पालन करें।
विज्ञापन
कोई और कोविड से अपनों को न खोए
हल्द्वानी। आशा कार्यकत्री रेनू दीप के पति की कोविड से जान चली गई थी। रेनू दीप ने बताया कि अगस्त 2020 में उनके पति को चोट लगी थी। उन्होंने कोविड की जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एसटीएच में इलाज के दौरान पति की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने कहा कि कोविड को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। मैं कोविड के चलते अपने पति को खो चुकी हूं और नहीं चाहती कि कोई और कोविड के कारण अपनों को खोए। मास्क पहनने के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए समय-समय पर हाथों का सैनिटाइज करें।
विज्ञापन
अप्रैल 2020 में ही नैनीताल जिले में कोविड की शुरुआत हुई थी। चार अप्रैल 2020 को कोविड के पांच केस सामने आए थे। इसके बाद कोरोना का कहर बढ़ता चला गया था। अप्रैल 2020 में एसटीएच में कोविड के 38 मरीज भर्ती हुए थे। मई 2020 में नैनीताल जिले में कोविड से दो लोगों की मौत हुई थी। सबसे अधिक कोविड के केस और मौतें सितंबर में हुई थीं। जनवरी 2021 से मार्च 2021 तक कोविड के केस कुछ कम हुए। मगर अप्रैल की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर कोविड के मामले बढ़ने लगे हैं। अब शासन ने भी कोविड कीजांचें बढ़ाने को कहा है। मास्क पहनने के अलावा सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर भी कोविड की जांचें शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
कोविड को लेकर न बरतें लापरवाही
हल्द्वानी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय शर्मा सितंबर साल 2020 में कोविड पॉजिटिव हुए थे। उनका स्वास्थ्य खराब हुआ था। डॉ. शर्मा का कहना है कि कोविड होने के बाद परिजनों के सैंपल भी जांच को जाते हैं। परिवार में किसी के भी कोविड पॉजिटिव होने पर घरवाले डरे हुए रहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोविड को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। कोविड को लेकर जारी की गई गाइडलाइन का पालन करें।
विज्ञापन
कोई और कोविड से अपनों को न खोए
हल्द्वानी। आशा कार्यकत्री रेनू दीप के पति की कोविड से जान चली गई थी। रेनू दीप ने बताया कि अगस्त 2020 में उनके पति को चोट लगी थी। उन्होंने कोविड की जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एसटीएच में इलाज के दौरान पति की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने कहा कि कोविड को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। मैं कोविड के चलते अपने पति को खो चुकी हूं और नहीं चाहती कि कोई और कोविड के कारण अपनों को खोए। मास्क पहनने के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए समय-समय पर हाथों का सैनिटाइज करें।