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कार्बेट प्रबंधन ने पुलिस को सौंपा शिकारी
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:40 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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पांच बाघों के शिकार के मामले में एक शिकारी हत्थे चढ़ा। इसके बाद खुफिया और पूछताछ अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इस पर कार्बेट पार्क प्रबंधन ने शिकारी को हरिद्वार पुलिस को सौंप दिया है।
14 मार्च को उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने पांच बाघों की खाल के साथ शिकारी को हरिद्वार क्षेत्र में पकड़ा था। मामले में एक शिकारी रामचंदर हत्थे चढ़ा था। इसके बाद दूसरे शिकारियों को पकड़ने के लिए केंद्र की वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और पुलिस की भी टीम लगी थी।
डब्ल्यूसीसीबी की सूचना के बाद दूसरे शिकारी प्रताप बावरिया उर्फ नत्थू कोे टीम को हरिद्वार क्षेत्र में पकड़ा। प्रताप से कोई अहम जानकारी नहीं मिली है। इस पर उसे हरिद्वार पुलिस को सौंप दिया गया। कार्रवाई में एसडीओ आरके तिवारी, बृज बिहारी शर्मा, संजय पांडे आदि शामिल थे।
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कार्रवाई से दूसरे शिकारी फिर भागे
हल्द्वानी। बताया जाता है कि प्रताप को पकड़ने की खबर उसके दूसरे साथियों को लग गई। ऐसे में वह फिर भाग खड़े हुए। पर इस बार शिकारियों के नाम से लेकर दूसरी महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ टीम को लगी है। जिसके आधार पर आगे उनके हत्थे चढ़ने की संभावना वनाधिकारी लगाये हुए हैं।
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14 मार्च को उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने पांच बाघों की खाल के साथ शिकारी को हरिद्वार क्षेत्र में पकड़ा था। मामले में एक शिकारी रामचंदर हत्थे चढ़ा था। इसके बाद दूसरे शिकारियों को पकड़ने के लिए केंद्र की वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और पुलिस की भी टीम लगी थी।
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डब्ल्यूसीसीबी की सूचना के बाद दूसरे शिकारी प्रताप बावरिया उर्फ नत्थू कोे टीम को हरिद्वार क्षेत्र में पकड़ा। प्रताप से कोई अहम जानकारी नहीं मिली है। इस पर उसे हरिद्वार पुलिस को सौंप दिया गया। कार्रवाई में एसडीओ आरके तिवारी, बृज बिहारी शर्मा, संजय पांडे आदि शामिल थे।
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कार्रवाई से दूसरे शिकारी फिर भागे
हल्द्वानी। बताया जाता है कि प्रताप को पकड़ने की खबर उसके दूसरे साथियों को लग गई। ऐसे में वह फिर भाग खड़े हुए। पर इस बार शिकारियों के नाम से लेकर दूसरी महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ टीम को लगी है। जिसके आधार पर आगे उनके हत्थे चढ़ने की संभावना वनाधिकारी लगाये हुए हैं।