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Haldwani News: लाभ वाले रूट पर दौड़ रही अनुबंधित बस, जीएम संचालन का सख्त आदेश
Fri, 13 Oct 2023 12:15 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Fri, 13 Oct 2023 12:15 PM IST
सार
निगम मुख्यालय की ओर से परिवहन निगम में स्थानीय मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाने के लिए नैनीताल परिमंडल में सभी एआरएम को निर्देश दिए गए हैं। इसकी वजह यात्रियों को सुविधा देने के साथ ही आय बढ़ाना है।
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बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परिवहन निगम में स्थानीय मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाने के लिए निगम मुख्यालय की ओर से नैनीताल परिमंडल में सभी एआरएम को निर्देश दिए गए हैं। इसकी वजह यात्रियों को सुविधा देने के साथ ही आय बढ़ाना है। हालांकि दूसरी ओर मुख्यालय से लाभ वाले मार्गों पर अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
कर्मचारी संगठन लगातार अनुबंधित बसों का विरोध कर रहे हैं। परिवहन निगम की आय कैसे बढ़ेगी इस मामले स्वयं निगम मुख्यालय की नीति ही स्पष्ट नहीं है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बारे में एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि महाप्रबंधक संचालन का आदेश मिल गया है। इसे अमल में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहाड़ पर चलती है 34 सीटर बस
मैदानी इलाकों में 37 सीटर से ऊपर की बसें चलाई जातीं हैं लेकिन पहाड़ पर केवल 34 सीटर बस ही चलती हैं। हालांकि अभी परिवहन विभाग ने शासन में रिपोर्ट भेजी है कि एक निजी कंपनी की बस जो 37 सीटर है उसे पहाड़ पर चलाया जा सकता है।
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जीएम संचालन का सख्त आदेश
जीएम संचालन दीपक जैन ने बृहस्पतिवार को आदेश दिए कि 15 अक्तूबर से यात्री सीजन शुरू होने वाला है। साथ ही आने वाले समय में त्योहारी सीजन भी है। इसलिए स्थानीय मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों की सुविधाओं के अनुसार, रिशेड्यूूलिंग कर अतिरिक्त बसें संचालित करें।
तो क्या इन मार्गों पर शुरू होगी बस सेवा
अगर बंद रूट पर सेवा शुरू कर दें तो इससे यात्रियों को लाभ होगा। हल्द्वानी-लमगड़ा पोदार, देवीधूरा-लोहाघाट, हल्द्वानी-दूनागिरी, पतलोट-खनस्यू, हल्द्वानी-सुनकिया, हल्द्वानी-सिमलखेत, पतलोट-गौनियारों, ओखलकांडा-ढोलीगांव आदि बस सेवाएं बंद हो गई हैं। काठगोदाम डिपो के पास पहाड़ में चलने के लिए 27 और हल्द्वानी डिपो के पास 20 बसे हैं। मुख्यत: बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल रूट पर ही रोडवेज बस चलतीं हैं। इनके अलावा अन्य मार्गों पर रोडवेज की बस की कमी है।
लाभ वाले मार्गों पर अनुबंधित बसों का बढ़ रहा बेड़ा
दिल्ली जैसे लाभ वाले मार्ग पर ठेके की बस चल रहीं हैं। परिवहन निगम में नैनीताल परिमंडल में हल्द्वानी डिपो को छोड़कर अन्य डिपो घाटे में रहते हैं। भवाली, नैनीताल, रुद्रपुर, रामनगर, अल्मोड़ा आदि डिपो घाटे में चलते हैं। लाभ वाले मार्गों पर अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। यही नहीं अनुबंधित बस का संचालन नहीं रूके इसलिए परिचालक उपलब्ध कराने के लिए रोटेशन नियम भी जारी कर दिया है।
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कर्मचारी संगठन लगातार अनुबंधित बसों का विरोध कर रहे हैं। परिवहन निगम की आय कैसे बढ़ेगी इस मामले स्वयं निगम मुख्यालय की नीति ही स्पष्ट नहीं है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बारे में एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि महाप्रबंधक संचालन का आदेश मिल गया है। इसे अमल में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पहाड़ पर चलती है 34 सीटर बस
मैदानी इलाकों में 37 सीटर से ऊपर की बसें चलाई जातीं हैं लेकिन पहाड़ पर केवल 34 सीटर बस ही चलती हैं। हालांकि अभी परिवहन विभाग ने शासन में रिपोर्ट भेजी है कि एक निजी कंपनी की बस जो 37 सीटर है उसे पहाड़ पर चलाया जा सकता है।
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जीएम संचालन का सख्त आदेश
जीएम संचालन दीपक जैन ने बृहस्पतिवार को आदेश दिए कि 15 अक्तूबर से यात्री सीजन शुरू होने वाला है। साथ ही आने वाले समय में त्योहारी सीजन भी है। इसलिए स्थानीय मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। यात्रियों की सुविधाओं के अनुसार, रिशेड्यूूलिंग कर अतिरिक्त बसें संचालित करें।
तो क्या इन मार्गों पर शुरू होगी बस सेवा
अगर बंद रूट पर सेवा शुरू कर दें तो इससे यात्रियों को लाभ होगा। हल्द्वानी-लमगड़ा पोदार, देवीधूरा-लोहाघाट, हल्द्वानी-दूनागिरी, पतलोट-खनस्यू, हल्द्वानी-सुनकिया, हल्द्वानी-सिमलखेत, पतलोट-गौनियारों, ओखलकांडा-ढोलीगांव आदि बस सेवाएं बंद हो गई हैं। काठगोदाम डिपो के पास पहाड़ में चलने के लिए 27 और हल्द्वानी डिपो के पास 20 बसे हैं। मुख्यत: बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल रूट पर ही रोडवेज बस चलतीं हैं। इनके अलावा अन्य मार्गों पर रोडवेज की बस की कमी है।
लाभ वाले मार्गों पर अनुबंधित बसों का बढ़ रहा बेड़ा
दिल्ली जैसे लाभ वाले मार्ग पर ठेके की बस चल रहीं हैं। परिवहन निगम में नैनीताल परिमंडल में हल्द्वानी डिपो को छोड़कर अन्य डिपो घाटे में रहते हैं। भवाली, नैनीताल, रुद्रपुर, रामनगर, अल्मोड़ा आदि डिपो घाटे में चलते हैं। लाभ वाले मार्गों पर अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। यही नहीं अनुबंधित बस का संचालन नहीं रूके इसलिए परिचालक उपलब्ध कराने के लिए रोटेशन नियम भी जारी कर दिया है।