फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections

Election 2024: इस लोकसभा सीट पर भिड़ेंगे पुराने धुरंधर, चार सीटों पर छह नए चेहरे; पुराने दिग्गज हो रहे किनारे

Sat, 30 Mar 2024 11:42 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 30 Mar 2024 11:42 AM IST
सार

उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख पार्टियां पुराने दिग्गजों से धीरे-धीरे किनारा कर रही हैं, ताकि नए चेहरों को मौका मिले सकें। तभी 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल अल्मोड़ा सीट पर ही पुराने प्रतिद्वंद्वियों के बीच टक्कर होने जा रही है।
 

विज्ञापन
contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
उत्तराखंड लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड कांग्रेस और भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां पुराने दिग्गजों से धीरे-धीरे किनारा कर रही हैं, ताकि नए चेहरों को मौका मिले। इसी का नतीजा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की केवल अल्मोड़ा सीट पर ही पुराने प्रतिद्वंद्वियों अजय टम्टा और प्रदीप टम्टा के बीच टक्कर होने जा रही है।

विज्ञापन


हरिद्वार और पौड़ी सीट पर दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे, जबकि नैनीताल और टिहरी सीट पर भाजपा के प्रत्याशियों के मुकाबले कांग्रेस ने नए चेहरों को मैदान में उतारा है। सबसे अधिक दिलचस्प यह है कि पांचों सीटों पर दोनों ही बड़ी पार्टियों के छह चेहरे पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने को लेकर दोनों ही पार्टियों ने किस तरह से सियासी गुणा-भाग किया, पढ़िए अमर उजाला की पड़ताल करती हुई रिपोर्ट.....
विज्ञापन


ये पढ़ें- Sachin Tendulkar: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को हुए बाघ के दीदार, पत्नी व दोस्तों के साथ की जंगल सफारी
विज्ञापन
विज्ञापन

 

contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
माला राज्यलक्ष्मी शाह और जोत सिंह गुनसोला - फोटो : अमर उजाला

टिहरी : माला से पहली बार होगा गुनसोला का मुकाबला 
2012 का उपचुनाव जीतने के बाद से बीजेपी की माला राज्यलक्ष्मी शाह टिहरी लोकसभा सीट से लगातार कांग्रेस प्रत्याशी को परास्त कर रही हैं। उनसे मुकाबला करने के लिए इस बार कांग्रेस ने दो बार मसूरी से विधायक रहे जोत सिंह गुनसोला को चुनावी मैदान में उतारा है। गुनसोला पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। 1991 से 2006 तक इस सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा। टिहरी राजघराने के मानवेंद्र शाह बीजेपी के टिकट से लगातार पांच चुनाव जीते। मानवेंद्र शाह के निधन के बाद 2007 में हुए उपचुनाव में पहली बार विजय बहुगुणा को जीत मिली। इसके बाद 2009 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के विजय बहुगुणा फिर से जीतकर लोकसभा पहुंचे। बहुगुणा के सीएम बनने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने फिर इस सीट पर कब्जा जमा लिया।

contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
त्रिवेंद्र रावत और कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र रावत - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार में प्रतिष्ठा और पिता की सियासी विरासत बचाने की जंग
हरिद्वार में भाजपा उम्मीदवार त्रिवेंद्र रावत और पूर्व सीएम हरीश रावत के बेटे व कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र रावत के बीच सियासी वर्चस्व की जंग होगी। दोनों ही प्रत्याशी पहली बार लोकसभा के लिए चुनावी जंग में उतर रहे हैं। हरीश रावत इस सीट से सांसद रह चुके है। लगातार दो बार से इस सीट को बीजेपी जीतती रही है, लेकिन इस बार बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। बीजेपी ने पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक के स्थान पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत को टिकट दिया है, जबकि हरीश रावत ने खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतरवाया है। हरिद्वार जिले की एक सीट से हरीश रावत की बेटी विधायक भी है। हरिद्वार जिले के ही खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकी है। हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में देहरादून की डोईवाला, ऋषिकेश और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं।

contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल - फोटो : अमर उजाला

पौड़ी गढ़वाल : फिर दो नए चेहरे होंगे आमने-सामने
पौड़ी सीट पर भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल दोनों ही नए चेहरे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों ही पार्टियों ने नए चेहरे पर दांव खेला था। तब बीजेपी के तीरथ सिंह रावत के सामने कांग्रेस ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूडी के बेटे मनीष खंडूडी को टिकट दिया था, लेकिन खंडूडी चुनाव हार गए। यह सीट भाजपा की झोली में गई थी। इस बार भाजपा ने राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को मैदान में उतारा है। वह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। अनिल बलूनी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने दो बार के विधायक रहे गणेश गोदियाल को टिकट थमाया है। गणेश गोदियाल कुल तीन बार और लगातार दो विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। गोदियाल भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। वह कुछ समय के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। तीन दशक से यह सीट भाजपा की सबसे मजबूत किले के तौर पर मानी जाती है। 1991 से ही इस सीट से पूर्व सीएम बीसी खंडूडी जीतते आए हैं। केवल दो बार 1996 में तिवारी कांग्रेस से और 2009 में कांग्रेस से सतपाल महराज लोकसभा का चुनाव जीत पाए। सात चुनाव में भाजपा को विजय मिली। इसमें एक उपचुनाव भी शामिल है।

contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
प्रदीप टम्टा और अजय टम्टा - फोटो : अमर उजाला

अल्मोड़ा : तीसरी बार दो टम्टा के बीच सीधी टक्कर
अल्मोड़ा सीट पर 1991 से ही भाजपा का दबदबा है। केवल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को जीत मिली थी। पिछले दो चुनाव से भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को लगातार मात देने में सफल हो रहे हैं। चुनावी मैदान में दो टम्टा तीसरी बार आमने-सामने होंगे। अजय जहां भाजपा को जीत दिलाने के लिए जंग में उतरेंगे, वहीं प्रदीप कांग्रेस के सूखे को खत्म करने के लिए सियासी युद्ध लड़ेंगे। इस चुनाव से काफी हद तक प्रदीप टम्टा का सियासी भविष्य भी तय होगा। 1991 से इस सीट से हरीश रावत सांसद बनते रहे। तब इस सीट को कांग्रेस के गढ़ के तौर पर जाना जाता था। अल्मोड़ा संसदीय सीट रिजर्व है, जो नेपाल, चीन सीमा से भी लगी है। इस सीट के तहत अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के 14 विधानसभा क्षेत्र आते हैं।

contest between Ajay Tamta and Pradeep Tamta on Almora seat in Uttarakhand Lok Sabha elections
अजय भट्ट और प्रकाश जोशी - फोटो : अमर उजाला

अजय या प्रकाश कौन मारेगा नैनीताल का मैदान
नैनीताल सीट पर भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाश जोशी पहली बार आमने-सामने होंगे। रानीखेत से तीन बार विधायक रहे अजय भट्ट को भाजपा ने पिछली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में नैनीताल संसदीय सीट पर उतारा था। पिछले आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सीएम हरीश रावत को हराकर इस सीट पर लगातार दूसरी बार भाजपा का परचम लहराया था। इससे पूर्व इस सीट पर भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी सांसद थे। वहीं इस बार कांग्रेस ने अजय भट्ट के सामने प्रकाश जोशी पर दांव लगाया है। प्रकाश जोशी 2012 और 2017 में कालाढूंगी सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों ही बार वह चुनाव हार चुके हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में केसी बाबा कांग्रेस से चुनाव जीते थे। कुमाऊं की यह सीट बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले की संसदीय सीट है। इस सीट के तहत नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के 14 विधानसभा क्षेत्र आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed