{"_id":"5f8b52398ebc3e9bf4622977","slug":"contempt-petition-of-mumbai-resident-settled-for-gender-change-nainital-news-hld400956472","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिंग परिवर्तन क रा महिला बनी मुंबई निवासी की अवमानना याचिका निस्तारित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिंग परिवर्तन क रा महिला बनी मुंबई निवासी की अवमानना याचिका निस्तारित
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। लिंग परिवर्तन कराकर महिला बनी न्यू मुंबई क्षेत्र निवासी याचिकाकर्ता को सुरक्षा नहीं दिए जाने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि जब भी पीड़िता को सुरक्षा की जरूरत होगी, उसे मुहैया कराई जाएगी। हाईकोर्ट ने इस आधार पर याचिका को निस्तारित कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। न्यू मुंबई निवासी याचिकाकर्ता महिला के अनुसार वर्ष 2015-16 में उसकी दोस्ती कोटद्वार क्षेत्र निवासी युवक से हो गई जो पुणे के होटल में कार्य करता था। वह भी वहां राजनीतिक मामले में वकील थी। होटल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती युवक से हो गई। दोस्ती का फायदा उठाते हुए युवक ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
सुप्रीम कोर्ट ने गढ़वाल क्षेत्र में याचिकाकर्ता की जान को खतरा मानते हुए केस को ऊधमसिंह नगर ट्रांसफर कर दिया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैया न कराने पर एसएसपी ऊधमसिंह नगर को अवमानना नोटिस जारी किया था। इस पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि पीड़िता को जब भी सुरक्षा की जरूरत होगी उसे मुहैया कराई जाएगी। इस आधार पर कोर्ट ने अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, पीड़िता की ओर से कोटद्वार क्षेत्र निवासी आरोपी की मां के खिलाफ दायर मानहानि के केस में हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों न इस केस को ऊधमसिंह नगर ट्रांसफर कर दिया जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। न्यू मुंबई निवासी याचिकाकर्ता महिला के अनुसार वर्ष 2015-16 में उसकी दोस्ती कोटद्वार क्षेत्र निवासी युवक से हो गई जो पुणे के होटल में कार्य करता था। वह भी वहां राजनीतिक मामले में वकील थी। होटल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती युवक से हो गई। दोस्ती का फायदा उठाते हुए युवक ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने गढ़वाल क्षेत्र में याचिकाकर्ता की जान को खतरा मानते हुए केस को ऊधमसिंह नगर ट्रांसफर कर दिया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैया न कराने पर एसएसपी ऊधमसिंह नगर को अवमानना नोटिस जारी किया था। इस पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि पीड़िता को जब भी सुरक्षा की जरूरत होगी उसे मुहैया कराई जाएगी। इस आधार पर कोर्ट ने अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, पीड़िता की ओर से कोटद्वार क्षेत्र निवासी आरोपी की मां के खिलाफ दायर मानहानि के केस में हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों न इस केस को ऊधमसिंह नगर ट्रांसफर कर दिया जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि नियत की है।