{"_id":"591f2c1f4f1c1b8523f22f29","slug":"contempt-notice-to-bro-director-general","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरओ के महानिदेशक को अवमानना नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरओ के महानिदेशक को अवमानना नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
Demo Pic
- फोटो : google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाइकोर्ट ने श्रमिकों के नियमितीकरण और वेतन संबंधी पूर्व आदेशों का पालन न किए जाने पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक को अवमानना नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन
मामले के अनुसार ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन व मजदूर कल्याण संगठन के अध्यक्ष मुकेश जोशी ने हाइकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। मुकेश जोशी ने पूर्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में कार्य कर रहे श्रमिकों का नियमितीकरण, नियमित वेतनमान सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की थी।
विज्ञापन
वर्ष 2015 में एकलपीठ ने आदेश दिया था कि जो श्रमिक बीस से तीस साल से कार्य कर रहे हैं उनके नियमितीकरण के लिए छह माह में नीति बना ली जाए। इस आदेश के विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया ने खंडपीठ के समक्ष स्पेशल अपील दायर की थी।
विज्ञापन
खंडपीठ ने पांच दिसंबर 2016 को स्पेशल अपील खारिज करते हुए पचास हजार रुपये का जुर्माना लगया था। खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को विस्तृत करते हुए कहा था कि जिन श्रमिकों ने 240 दिन पूरे कर लिए हैं, उन्हें सेवा से न हटाया जाए और जिन श्रमिकों ने पांच साल पूरे कर लिए हैं उनको केंद्र सरकार की भांति अस्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें नियमित करने के लिए नियम बनाए जाए। श्रमिकों को चिकित्सा, यातायात, बीमा, मकान एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।