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सेवानिवृत्त मरीन कमांडो तैयार कर रहा कमांडो
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:12 AM IST
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नौसेना में मरीन कमांडो सेवानिवृत्त होने के बाद युवाओं को दे रहे है सेन्य प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के पद पर 15 वर्ष सेवा दे चुके रमेश चंद्र भट्ट ओखलकांडा ब्लॉक के युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर भारतीय सेना के लिए कमांडो तैयार कर रहे हैं। उनकी मेहनत का असर भी युवाओं में दिखने लगा है।
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मूलरूप से बागेश्वर ग्राम बिलौना के रहने वाले रमेश चंद्र भट्ट भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के पद से 2009 में सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ओखलकांडा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांडा में सहायक अध्यापक हैं। मरीन कमांडो रहते रमेश ने विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों में सक्रिय प्रतिभाग करने और जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराने के कारण राष्ट्रपति द्वारा 2003 में नौसेना मेडल (बहादुरी) पुरस्कार भी प्राप्त किया। पूर्व कमांडो रमेश चंद्र दो साल तक पूर्व राष्ट्रपति स्व. डा एपीजे अब्दुल कलाम की सुरक्षा दल के अहम सदस्य भी रह चुके हैं।
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इसके बाद वे मुंबई ताज होटल में विशेष सुरक्षा अधिकारी भी रहे। अशोक लीलैंड रुद्रपुर और मर्चेंट नेवी में भी अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में टांडा के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक रमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि आजकल युवा नशे के चक्कर में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। साथ ही सही मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण युवाओं में देश के प्रति जज्बा कम हो रहा है। इसी को देखते हुए उन्होंने टांडा के युवाओं को सेना भर्ती के लिए तैयार करने की सोची।
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रमेश युवाओं को सुबह 4 बजे से 6 बजे तक कड़ा शारीरिक अभ्यास करा रहे हैं। शाम को 7 बजे से 9 बजे तक लिखित परीक्षा की भी तैयारी करा रहे हैं। रमेश ने बताया कि वे एक साल से युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। क्षेत्र के युवा भी पूरी लगन से सेना में जाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इतने कम समय में भी अक्तूबर में हल्द्वानी में हुई भर्ती में एक युवा ने कामयाबी पाई थी।