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इलाज से मना करने वाले चारों निजी अस्पतालों के नाम मांगे, सीएमओ ने जारी किया नोटिस
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। हल्द्वानी में एक 18 माह के मासूम को निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हल्द्वानी शाखा के अध्यक्ष से चारों अस्पतालों के नाम बताने को लेकर नोटिस जारी किया है।
बता दें की नैनीताल ब्लॉक के बजून गांव में एक 18 माह के बच्चे के कीटनाशक पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार को उसे इलाज के लिए हल्द्वानी लाया गया, जहां चार निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए मना कर दिया। परिजन बाद में उसे इलाज के लिए भोजीपुरा लेकर चले गए। शनिवार को मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने आईएमए के हल्द्वानी शाखा अध्यक्ष से स्पष्ट तौर पर चारों अस्पतालों के नाम बताने को कहा है। इसके अलावा उन कारणों का भी उल्लेख करने को कहा है, जिससे बच्चे को इलाज नहीं मिल सका। सीएमओ ने पत्र में यह भी कहा है कि हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध है।
निजी अस्पताल का व्यवहार उचित नहीं
हल्द्वानी। सीएमओ ने पत्र में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि निजी अस्पतालों का रोगी के प्रति इस प्रकार का व्यवहार मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। निजी अस्पतालों के ऐसे व्यवहार से क्षुब्ध होने के कारण ही रोगी के परिजन मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हैं और स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होती है।
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बजून गांव के बच्चे को हल्द्वानी में निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने के मामले में आईएमए को नोटिस भेजा है और अस्पतालों के नाम मांगे हैं। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल
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बता दें की नैनीताल ब्लॉक के बजून गांव में एक 18 माह के बच्चे के कीटनाशक पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार को उसे इलाज के लिए हल्द्वानी लाया गया, जहां चार निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए मना कर दिया। परिजन बाद में उसे इलाज के लिए भोजीपुरा लेकर चले गए। शनिवार को मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने आईएमए के हल्द्वानी शाखा अध्यक्ष से स्पष्ट तौर पर चारों अस्पतालों के नाम बताने को कहा है। इसके अलावा उन कारणों का भी उल्लेख करने को कहा है, जिससे बच्चे को इलाज नहीं मिल सका। सीएमओ ने पत्र में यह भी कहा है कि हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध है।
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निजी अस्पताल का व्यवहार उचित नहीं
हल्द्वानी। सीएमओ ने पत्र में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि निजी अस्पतालों का रोगी के प्रति इस प्रकार का व्यवहार मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। निजी अस्पतालों के ऐसे व्यवहार से क्षुब्ध होने के कारण ही रोगी के परिजन मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हैं और स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होती है।
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बजून गांव के बच्चे को हल्द्वानी में निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने के मामले में आईएमए को नोटिस भेजा है और अस्पतालों के नाम मांगे हैं। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल