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साफ सुथरी राजनीति या कुछ और
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Wed, 12 Oct 2016 12:01 AM IST
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राजनीति
- फोटो : demo
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कुमाऊं में छात्र संघों के चुनाव परिणाम बता रहे हैं कि पर्वतीय जिलों में युवाओं को सियासी झगड़े से बहुत हद तक लेना-देना नहीं है। पिथौरागढ़ जिले में एनएसयूआई का वर्चस्व रहा है, लेकिन यहां अधिकतर महाविद्यालयों में छात्र संघ अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। यह साफ-सुथरी राजनीति भी हो सकती है, हालांकि कुछ और होने से भी इनकार नहीं है।
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चंपावत जिले में बाजी एबीवीपी के हाथ रही। रुद्रपु़र में एनएसयूआई और एबीवीपी अपना प्रत्याशी मैदान में उतार ही नहीं पाए। एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी में सामने आया घटनाक्रम यह भी जता गया कि राजनेता अपनी छत्रछाया के युवा नेताओं को जीत के लिए सब कुछ जायज का मूल मंत्र ही दे रहे हैं।
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कुमाऊं में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले छात्र संघों के चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हुये। राजनीतिक आकाओं की छत्रछाया में फलना-फूलना इन छात्र संघों की मजबूरी बनती जा रही है।
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हल्द्वानी के एमबीपीजी कालेज में जिस तरह से स्थानीय विधायक और वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने दाव खेला, उससे यह भी जाहिर हुआ कि छात्र संघ चुनाव में भी सरोकार, राजनीतिक विचारधाराओं से इतर सिर्फ जीत पर ही निगाह रखी गई।
यह तब है जबकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल नेताओं की इस नई पौध को अपने-अपने रंग में ढालने का पूरा जतन कर रहे हैं। एनएसयूआई मेें कांग्रेस का बाकायदा सदस्यता अभियान छेड़ा गया था। यही हाल एबीवीपी का भी रहा।
पिथौरागढ़ जिले में अधिकतर महाविद्यालयों में एनएसयूआई के अध्यक्ष ही चुने गए, लेकिन निर्विरोध। इस जिले में चार विधानसभाएं हैं और इनमें से तीन पर कांग्रेस का ही कब्जा है। ऐसे में कांग्रेस के यह जीत खुद को दिलासा देने वाली साबित हो सकती है।
निर्विरोध अध्यक्ष चुनकर अधिकतर महाविद्यालयों के युवा मतदाताओं ने यह भी जता दिया कि एनएसयूआई और एबीवीपी के झगड़े से उन्हें खास मतलब नहीें। चंपावत जिले के चार राजकीय महाविद्यालयों के छात्रसंघों में से तीन पर एबीवीपी ने कब्जा किया।
केवल टनकपुर में निर्दलीय के खाते में जीत दर्ज हुई। पीजी कालेज बागेश्वर में एबीवीपी का अध्यक्ष बना। इस साल महाविद्यालय में एनएसयूआई ने अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। रुद्रपुर में सरदार भगत सिंह कालेज के छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई और एबीवीपी ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा ही नहीं।
एमपीजी कालेज हल्द्वानी के दिलचस्प चुनाव ने छात्रसंघों के साथ ही राजनीतिक दलों की कलई भी खोल कर सामने रख दी। यहां पर एबीवीपी के बागी के हाथ छात्र संघ की कमान गई और यह अध्यक्ष भी जीतने के तुरंत बाद स्थानीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री से आशीर्वाद लेने पहुंचा।