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सिटी फारेस्ट : केंद्रीय मंत्रालय से मिलेगी हरी झंडी, तब निर्माण होगा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 12:48 AM IST
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City Forest: Will get green signal from Union Ministry, then construction will take place
हल्द्वानी। सिटी फॉरेस्ट की योजना के तहत काम विचलन (वन भूमि पर तय कार्य के अलावा नए कार्य की अनुमति) मिलने के बाद ही शुरू हो सकेगा। मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना ने एक पत्र वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त को भेजा है। कई बिंदुओं वाले पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जब तक भारत सरकार (पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) से विचलन के संबंध में कोई स्वीकृति/अनुमोदन प्राप्त नहीं होता है तब तक कोई कार्यवाही नहीं की जाए।
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शहर में सिटी फॉरेस्ट बनाने की योजना लंबे समय से है। इसके लिए तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के अंतर्गत शीशमबाग में दस हेक्टेयर से अधिक क्षेेत्रफल की वन भूमि को चिह्नित किया गया। वन विभाग और नगर निगम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण भी कर लिया है। नगर निगम ने साढ़े चार करोड़ का बजट रखा है। पर आरक्षित वन भूमि पर दूसरा कार्य कराने के लिए विचलन संबंधी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
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इस संबंध में वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त ने मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना को पत्र लिखा। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना ने वन संरक्षक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि संबंधित क्षेत्र में हरे वृक्षों के साथ खैर, सागौन, अमलतास, शीशम, गुलमोहर के 216 वृक्षों के मृत और रोग ग्रस्त होने का उल्लेख किया गया है।
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इन बिंदुओं पर भी जानकारी मांगी गई
हल्द्वानी। विचलन विवरण में उल्लिखित प्लाट संख्या- छह के 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल (सिटी फॉरेस्ट में आने वाले सभी वृक्ष) में आ रहे सभी वृक्षों का प्रजातिवार, व्यास वर्गवार विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। वांछित सूचना/अभिलेख कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। सूचना मिलने के बाद ही विचलन संबंधी आगे की कार्यवाही करने के संबंध में विचार किया जाएगा।

सीसीएफ कार्ययोजना ने कहा है कि जब तक मंत्रालय से विचलन के संबंध में कोई स्वीकृति नहीं आती है, तब तक कोई कार्यवाही न करने के लिए कहा है।
क्या होता विचलन
वन प्रभागों में दस साल में का क्या-क्या कार्य होना है, उससे जुड़े सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाती है। इसके लिए वन संरक्षक स्तर के अधिकारी समेत टीम काम करती है। कार्ययोजना तैयार होने के बाद उसे केंद्रीय वन मंत्रालय को भेजा जाता है जहां से अनुमति मिलती है। तय कार्ययोजना के कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य करना है तो विचलन लेना होता है। विचलन मिलने के बाद ही कार्य हो सकते हैं। इसी के तहत सिटी फॉरेस्ट के लिए (आरक्षित वन क्षेत्र है) के लिए विचलन संबंधी प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।
कोट
मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना का पत्र मिला है, उसके हिसाब कार्यवाही की जा रही है। - अभिलाषा, डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग
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