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एसटीएच और बेस की हालत खराब

Thu, 12 Feb 2015 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Thu, 12 Feb 2015 01:59 AM IST
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Chief of the Press Conference

कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल और बेस अस्पताल हल्द्वानी की हालत काफी खराब है। मुख्यमंत्री ने माना कि नदियों में अवैध खनन हो रहा है और जिलाधिकारी को कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान कुछ प्रश्नों का जवाब दिया।

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प्र. एसटीएच में स्वाइन फ्लू की दवा नहीं है। बेस अस्पताल में करोड़ों की मशीन बंद पड़ी है और सीटी स्कैन मशीन अब तक नहीं चल पाई है।
उ. सुशीला तिवारी अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, जिस कारण ही मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। डाक्टर होने के बावजूद मरीजों को रेफर किया जा रहा है। एसटीएच रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। एसटीएच प्रबंधन को निर्देशित किया जाएगा कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू की दवा मंगाकर रखें, जबकि बेस अस्पताल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कुछ अहम निर्णय लिए है, जिनका परिणाम शीघ्र ही दिखाई देगा और पहाड़ से आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।
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प्र. अमृतपुर और गौला में अवैध खनन का खुला खेल चल रहा है। अमृतपुर में अगर अवैध खनन नहीं रुका तो गौला का पानी लोगों को नहीं मिल पाएगा।
उ. अमृतपुर के अलावा गौला के दो गेटों से अवैध खनन का खेल चलने की जानकारी मुझे मिली है। अमृतपुर में अवैध खनन रोकने के लिए छापे मारे गए थे। एक बार की कार्रवाई से कोई असर नहीं होगा। जिलाधिकारी अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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प्र. सड़कों पर खुलेआम अराजकता हो रही है। कानून-व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की छाप हल्द्वानी में भी दिखने लगी है।
उ. युवाओं में सहनशक्ति कम हो गई है। कुछ युवाओं ने देहरादून में भी काफी उत्पात मचाया था, उनके खिलाफ कार्रवाई कर स्थिति नियंत्रित की गई। सड़कों पर शराब पीकर मारपीट करने की घटना दिल्ली की तर्ज पर यहां भी हो रही है। कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो अधिकारी नपेंगे, अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि अपराध नियंत्रित करें और लोगों की सुरक्षा को पुलिस 24 घंटे सड़कों पर दिखाई देनी चाहिए। अराजकता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्र. विधानसभा सत्र में नलकूपों में स्टेबलाइजर का मुद्दा उठने के सात माह बाद भी एक करोड़ 26 लाख रुपए का बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। नलकूप की मरम्मत में लाखों का इस्टीमेट बनाकर क्या अधिकारी कमीशन का खेल करते हैं।

उ. हल्द्वानी के विकास के लिए खाका तैयार किया गया है। उस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। गर्मियों से पहले नलकूपों में स्टेबलाइजर लग जाएंगे, जिससे लोगों को नलकूप की मोटर फुंकने से पेयजल संकट न झेलना पड़ा।

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