{"_id":"621bdb922869a026247e60fe","slug":"changing-of-bridge-in-haldwani-haldwani-news-hld4549892162","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलाई में किया पुल बनाने का अनुबंध, अब फरवरी में पुल बनाने की दी अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुलाई में किया पुल बनाने का अनुबंध, अब फरवरी में पुल बनाने की दी अनुमति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। काठगोदाम में बनने वाले गार्डर पुल निर्माण में देरी के कारण ठेकेदार ने निर्माण सामग्री महंगी होने का हवाला देते हुए टेंडर रेट रिवाइज करने की मांग की है। अब पुल निर्माण में और समय लग सकता है।
सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। एनएच ने काठगोदाम में गार्डर पुल को ध्वस्त कर यहां पर नए पुल बनाने के लिए मार्च 2021 में टेंडर आमंत्रित किए थे। इस पुल की लागत 2.35 करोड़ है। जुलाई 2021 को सभी कार्यवाही पूरी कर एनएच खंड नैनीताल ने इसका काम नैनीताल कंस्ट्रक्शन को दे दिया। जुलाई 2021 से इस पुल का काम होना था।
एनएच को काम शुरू करने से पहले पेयजल लाइन, ओएफसी, ट्रांसफार्मर आदि को पुल से हटाना था। ट्रांसफार्मर को छोड़कर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। उधर, एनएच को गार्डर पुल ध्वस्तीकरण से निकलने वाले लोहे का निस्तारण भी करना था। नियमानुसार पुल के साथ ही इसके भी टेंडर आमंत्रित किए जाने थे लेकिन ये टेंडर जुलाई 2021 के बाद आमंत्रित किए गए। इस टेंडर को पूरा होने में तीन महीने बीत गए। उधर, एनएच की ओर से जिला प्रशासन से पुल ध्वस्तीकरण और नए पुल बनाने का काम शुरू करने के लिए स्वीकृति मांगी गई लेकिन आपदा, ट्रैफिक अन्य कारणों से इसकी परमिशन नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
इस कारण ये काम लंबा खिंचता रहा
सात महीने बीतने के बाद एनएच अधिकारियों ने ठेकेदार से बिना बात किए ही जिला प्रशासन से पुल का काम शुरू कराने की अनुमति मांग ली। जिला प्रशासन ने अनुमति जारी भी कर दी। अब ठेकेदार ने इन सात महीनों में सरिया, सीमेंट, लोहा आदि के दाम बढ़ने के कारण इस तय दर पर काम करने से मना कर दिया। उसने एनएच के अधिकारियों से टेंडर रेट रिवाइज करने की मांग की है। उधर, एनएच के अधिकारी अभी काम शुरू नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
प्रशासन के आदेश के बाद लोगों को हुई भारी परेशानी
एनएच के अधिकारियों ने प्रशासन से पुल ध्वस्तीकरण की परमिशन मांगने से पहले ठेकेदार से एक बार भी बात नहीं की। ठेकेदार राजू भट्ट ने बताया कि एनएच के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से परमिशन लेने के बाद उनसे बात की। ऐसे में उसने इतने जल्दी काम शुरू करने से मना कर दिया। इस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खबर पढ़कर भी कई भारी वाहन स्वामी हल्द्वानी मार्ग से नहीं आए।
ठेकेदार ने निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने की बात कहकर काम करने से अभी मना कर दिया है। ठेकेदार ने दो दिन बाद काम करने के बारे में बताने के लिए कहा है। तब तक पुल का काम नहीं होगा। - एनबी थापा एई एनएच
- फोटो-
विज्ञापन
सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। एनएच ने काठगोदाम में गार्डर पुल को ध्वस्त कर यहां पर नए पुल बनाने के लिए मार्च 2021 में टेंडर आमंत्रित किए थे। इस पुल की लागत 2.35 करोड़ है। जुलाई 2021 को सभी कार्यवाही पूरी कर एनएच खंड नैनीताल ने इसका काम नैनीताल कंस्ट्रक्शन को दे दिया। जुलाई 2021 से इस पुल का काम होना था।
विज्ञापन
एनएच को काम शुरू करने से पहले पेयजल लाइन, ओएफसी, ट्रांसफार्मर आदि को पुल से हटाना था। ट्रांसफार्मर को छोड़कर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। उधर, एनएच को गार्डर पुल ध्वस्तीकरण से निकलने वाले लोहे का निस्तारण भी करना था। नियमानुसार पुल के साथ ही इसके भी टेंडर आमंत्रित किए जाने थे लेकिन ये टेंडर जुलाई 2021 के बाद आमंत्रित किए गए। इस टेंडर को पूरा होने में तीन महीने बीत गए। उधर, एनएच की ओर से जिला प्रशासन से पुल ध्वस्तीकरण और नए पुल बनाने का काम शुरू करने के लिए स्वीकृति मांगी गई लेकिन आपदा, ट्रैफिक अन्य कारणों से इसकी परमिशन नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
इस कारण ये काम लंबा खिंचता रहा
सात महीने बीतने के बाद एनएच अधिकारियों ने ठेकेदार से बिना बात किए ही जिला प्रशासन से पुल का काम शुरू कराने की अनुमति मांग ली। जिला प्रशासन ने अनुमति जारी भी कर दी। अब ठेकेदार ने इन सात महीनों में सरिया, सीमेंट, लोहा आदि के दाम बढ़ने के कारण इस तय दर पर काम करने से मना कर दिया। उसने एनएच के अधिकारियों से टेंडर रेट रिवाइज करने की मांग की है। उधर, एनएच के अधिकारी अभी काम शुरू नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
प्रशासन के आदेश के बाद लोगों को हुई भारी परेशानी
एनएच के अधिकारियों ने प्रशासन से पुल ध्वस्तीकरण की परमिशन मांगने से पहले ठेकेदार से एक बार भी बात नहीं की। ठेकेदार राजू भट्ट ने बताया कि एनएच के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से परमिशन लेने के बाद उनसे बात की। ऐसे में उसने इतने जल्दी काम शुरू करने से मना कर दिया। इस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खबर पढ़कर भी कई भारी वाहन स्वामी हल्द्वानी मार्ग से नहीं आए।
ठेकेदार ने निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने की बात कहकर काम करने से अभी मना कर दिया है। ठेकेदार ने दो दिन बाद काम करने के बारे में बताने के लिए कहा है। तब तक पुल का काम नहीं होगा। - एनबी थापा एई एनएच
- फोटो-