फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Case filed against many including the then Deputy Conservator of Forests for rigging Tiger Safari

टाइगर सफारी धांधली के आरोप में तत्कालीन उप वन संरक्षक समेत कइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
Case filed against many including the then Deputy Conservator of Forests for rigging Tiger Safari
हल्द्वानी। कालागढ़ वन प्रभाग के पाखरो में टाइगर सफारी निर्माण में बिना स्वीकृति सरकारी पैसा खर्च करने के आरोप में विजिलेंस की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप में वरिष्ठ वन अधिकारी समेत कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले की जांच विजिलेंस टीम हल्द्वानी को सौंपी गई है।
विज्ञापन

टाइगर रिजर्व के चर्चित पाखरो टाइगर सफारी मामले में विजिलेंस टीम ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला तकरीबन दो साल पहले का है। कार्बेट पार्क की पाखरो रेंज की 105 हेक्टेयर भूमि में टाइगर सफारी का निर्माण होना था। निर्माण के दौरान तत्कालीन कालागढ़ वन प्रभाग के उप वन संरक्षक किशन चंद्र (अब सेवानिवृत्त) समेत कई वन अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार पर बिना अनुमति सरकारी पैसा खर्च करने का आरोप लगा था। शासन ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार अपराध मानते हुए इसकी जांच विजिलेंस टीम को सौंपी थी। वहीं विजिलेंस की शुरुआती जांच में कई तरह की प्रशासनिक, विधिक, वित्तीय समेत अन्य तरह की खामियां सामने आई थीं। इसके साथ ही प्राथमिक जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए थे। इसकी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सोमवार को विजिलेंस हल्द्वानी ने तत्कालीन वन अधिकारी किशनचंद्र समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों समेत ठेकेदार और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन

एसपी विजिलेंस प्रहलाद सिंह मीणा ने बताया कि मामले में अभी एक ही अधिकारी को नामजद किया गया है। विवेचना सीओ विजिलेंस अनिल मनराल को सौंपी गई है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रकाश में आने वाले नामों को शामिल करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी हुए थे निलंबित
दो साल पहले जब मामला संज्ञान में आया तो कोर्ट ने सख्ती दिखाई। इसके बाद आईएफएस सुहाग और किशन चंद को निलंबित कर दिया था। वहीं टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल को वन मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इसके अलावा आईएफएस राजीव भरतरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed