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रामनगर वन प्रभाग नहीं कर पा रहा हथिनियों की देखभाल

Mon, 11 Mar 2019 01:53 AM IST
naveen chandra joshi ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर Published by: naveen chandra joshi Updated Mon, 11 Mar 2019 01:53 AM IST
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Care of the handicrafts not able to divide the Ramnagar forest
रामनगर आमडंडा डिपो में रखी गई हथिनियां - फोटो : अमर उजाला

आमडंडा डिपो में रखी गई आठ हथिनियों को तीन दिनों से गन्ना नहीं मिल रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन फिर भी हथिनियों के लिए चारा कम हो रहा है।

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इन हथिनियों को हाईकोर्ट के निर्देश पर रामनगर वन प्रभाग ने 9 अगस्त को अपनी अभिरक्षा में लिया था। तब से रामनगर वन प्रभाग हथिनियों के खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा है। विगत तीन दिनों से हथिनियों को गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पिछले दिनों भी गन्ने की आपूर्ति कम हो रही थी, तब बरसात होने की वजह से खेतों से गन्ना नहीं आने की बात कही गई थी। इस बार भी तीन दिनों से गन्ना नहीं मिलने से वन अधिकारियों द्वारा जंगल चारा जोकि मुश्किल से छह से सात क्विंटल लाया जा रहा है, उसी को खिलाया जा रहा है।
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रामनगर वन प्रभाग ने कार्रवाई के नाम पर नौ महावत, आठ चाराकटर सहायक, छह पीआरडी जवान, एक उप वन क्षेत्राधिकारी, दो वन दरोगा, एक वन आरक्षी, दो पशु चिकित्सकों सहित कुल 29 लोगों को उक्त हाथियों की देखरेख में लगाया है। इसके बावजूद भी हथिनियों की देखरेख नहीं हो रही है। बता दें कि एक हथिनी को दिन में दो क्विंटल गन्ना, पांच किलो आटा, साढ़े किलो गुड़, तीन किलो चना एवं जंगल का चारा दिया जाता है।

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