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कैंसर: अब मुफ्त लग सकेंगे महंगे इंजेक्शन
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने रोगियों को इलाज से जुड़ी राहत देने की योजना बनाई है। मेडिकल कॉलेज के अधीन स्वामीराम कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर के इलाज में लगने वाले 12 हजार तक के इंजेक्शन सभी रोगियों को निशुल्क उपलब्ध कराने की योजना है। एसटीएच में डायलिसिस की सामग्री भी सभी को निशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार इसे लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक, बीपीएल कार्ड धारक, कैदी समेत कुछ लोगों को पूरा इलाज निशुल्क होता है। अस्पताल में उपलब्ध करीब 220 तक दवाएं दी जाती हैं। अगर रोगी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है या कोई अन्य दिक्कत है तो उसे डायलिसिस से जुड़ी सामग्री, कैंसर के इलाज से जुड़ी दवाएं आदि खरीदनी पड़ती है। यह काफी महंगी होती है। अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सभी को निशुल्क दवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के पास अभी दो सौ बीस दवाएं हैं, उनकी संख्या सवा तीन सौ करने जा रहा है। इसी में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले महंगे इंजेक्शन आदि, डायलिसिस से जुड़ी सामग्री आदि को उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। एंटीबायोटिक की संख्या भी बढ़ाने की योजना है।
डायलिसिस का खर्च
हल्द्वानी। पहली बार डायलिसिस कराने में 15 से 20 हजार की सामग्री लगती है। बाद में भी चार से पांच हजार का हर डायलिसिस में खर्च आता है।
करीब 20 करोड़ तक आएगा खर्च
हल्द्वानी। अभी अस्पताल से जो दवाएं रोगियों को उपलब्ध कराईं जाती हैं, उन पर करीब सात करोड़ का खर्च आता है। अब दवाओं की संख्या तीन सौ से अधिक करने और कैंसर के इलाज से जुड़ीं दवाओं को शामिल करने पर बजट करीब बीस करोड़ तक पहुंच जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि कैंसर, डायलिसिस की सामग्री आदि सभी रोगियों को उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रयास किया गया है। इससे रोगियों को काफी मदद हो सकेगी। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार अगर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आई तो करीब 25 दिन में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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सुशीला तिवारी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक, बीपीएल कार्ड धारक, कैदी समेत कुछ लोगों को पूरा इलाज निशुल्क होता है। अस्पताल में उपलब्ध करीब 220 तक दवाएं दी जाती हैं। अगर रोगी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है या कोई अन्य दिक्कत है तो उसे डायलिसिस से जुड़ी सामग्री, कैंसर के इलाज से जुड़ी दवाएं आदि खरीदनी पड़ती है। यह काफी महंगी होती है। अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सभी को निशुल्क दवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के पास अभी दो सौ बीस दवाएं हैं, उनकी संख्या सवा तीन सौ करने जा रहा है। इसी में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले महंगे इंजेक्शन आदि, डायलिसिस से जुड़ी सामग्री आदि को उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। एंटीबायोटिक की संख्या भी बढ़ाने की योजना है।
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डायलिसिस का खर्च
हल्द्वानी। पहली बार डायलिसिस कराने में 15 से 20 हजार की सामग्री लगती है। बाद में भी चार से पांच हजार का हर डायलिसिस में खर्च आता है।
करीब 20 करोड़ तक आएगा खर्च
हल्द्वानी। अभी अस्पताल से जो दवाएं रोगियों को उपलब्ध कराईं जाती हैं, उन पर करीब सात करोड़ का खर्च आता है। अब दवाओं की संख्या तीन सौ से अधिक करने और कैंसर के इलाज से जुड़ीं दवाओं को शामिल करने पर बजट करीब बीस करोड़ तक पहुंच जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि कैंसर, डायलिसिस की सामग्री आदि सभी रोगियों को उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रयास किया गया है। इससे रोगियों को काफी मदद हो सकेगी। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार अगर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आई तो करीब 25 दिन में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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