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सैलानियों का स्वागत कर रहा है अंग्रेजों का लगाया जैकेरेंडा
भीमताल (नैनीताल)।
Updated Wed, 18 May 2016 01:14 AM IST
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जेकेरेंडा का फूल
- फोटो : अमर उजाला
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भीमताल (नैनीताल)। हल्द्वानी से पहाड़ की ओर आने वाले सैलानियों का स्वागत यहां प्रकृति अपनी तरह से कर रही है। वर्षों पहले लगाए गए जैकेरेंडा के रंग बिरंगे फूले से लदे पेड़ अपने खास अंदाज में सैलानियों का स्वागत कर रहे हैं। भीमताल और नौकुचियाताल स्थित झीलों के आसपास की पहाड़ियां इन दिनों ऐसे ही फूलों से रंगीन हैं जो सैलानियों को भी खूब भा रहे हैं।
बुजुर्गों के मुताबिक भीमताल और नौकुचियाताल क्षेत्र में स्थित जैकेरेंडा के अधिकांश पेड़ अंग्रेजों के समय के लगाए गए हैं। इन पेड़ों को इसलिए लगाया गया था ताकि गर्मियों में लोगों को यह अपनी छाया से शीतलता प्रदान कर सकें और दूसरा गर्मियों में खिलने वाले इनके फूल बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
नौकुचियाताल से चनौती तक जैकेरेंडा के कतारबद्ध पेड़ सैलानियों को खूब भा रहे हैं। इसके अलावा मेहरागांव, भवाली और नैनीताल में भी कई जगह जैकेरेंडा खिला हुआ है। सैलानी इन्हें मोबाइल और कैमरे में कैद कर रहे हैं। डांठ में रेस्टोरेंट संचालक और प्रकृति प्रेमी राजकमल पंत बताते हैं कि जैकेरेंडा में गुलाबी और बैंगनी फूल आते हैं। यहां अधिकांश बैंगनी रंग का जैकेरेडा मिलता है। नौकुचियाताल निवासी प्रकृति प्रेमी प्रमोद कर्नाटक बताते हैं कि नौकुचियाताल में जैकेरेंडा ही नहीं बल्कि कनेर, गुलमोहर, अकेसिया, वैगनवेलिया और हाईडेसिया भी खिला हुआ है।
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बुजुर्गों के मुताबिक भीमताल और नौकुचियाताल क्षेत्र में स्थित जैकेरेंडा के अधिकांश पेड़ अंग्रेजों के समय के लगाए गए हैं। इन पेड़ों को इसलिए लगाया गया था ताकि गर्मियों में लोगों को यह अपनी छाया से शीतलता प्रदान कर सकें और दूसरा गर्मियों में खिलने वाले इनके फूल बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
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नौकुचियाताल से चनौती तक जैकेरेंडा के कतारबद्ध पेड़ सैलानियों को खूब भा रहे हैं। इसके अलावा मेहरागांव, भवाली और नैनीताल में भी कई जगह जैकेरेंडा खिला हुआ है। सैलानी इन्हें मोबाइल और कैमरे में कैद कर रहे हैं। डांठ में रेस्टोरेंट संचालक और प्रकृति प्रेमी राजकमल पंत बताते हैं कि जैकेरेंडा में गुलाबी और बैंगनी फूल आते हैं। यहां अधिकांश बैंगनी रंग का जैकेरेडा मिलता है। नौकुचियाताल निवासी प्रकृति प्रेमी प्रमोद कर्नाटक बताते हैं कि नौकुचियाताल में जैकेरेंडा ही नहीं बल्कि कनेर, गुलमोहर, अकेसिया, वैगनवेलिया और हाईडेसिया भी खिला हुआ है।
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