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दूरबीनों से मिलने वाले बेहतर परिणामों पर मंथन
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Fri, 18 Nov 2016 01:53 AM IST
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दूरबीनों से मिलने वाले बेहतर परिणामों पर मंथन
- फोटो : अमर उजाला
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आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) की ओर से आयोजित बेल्जो-इंडियन नेटवर्क फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्सि (बीना) की कार्यशाला में खगोल विज्ञानियों के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में होने वाले नए शोध कार्यों के साथ-साथ 3.6 मीटर और 4 मीटर व्यास वाली दूरबीनों से बेहतर परिणाम प्राप्त करने संबंधी सुझावों पर मंथन किया गया।
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कार्यशाला के समापन पर तीन वैज्ञानिकों को उनके बेहतरीन पोस्टरों के लिए पुरस्कृत भी किया गया। उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी सभागार में कार्यशाला के तीसरे दिन सीबीएस मुंबई के प्रो. गोपाल कृष्ण ने अंतरिक्ष में सक्रिय आकाशगंगा के केंद्र में स्थित प्रकाश में होने वाले बदलावों के बारे बताया। एरीज के डॉ. हूम चंद्र ने सक्रिय आकाशगंगा के केंद्र में होने वाले बदलावों के साथ-साथ 3.6 मीटर व्यास की दूरबीन से जुटाए जाने वाले डाटा की जानकारी दी।
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बंगलूरू के डॉ. अरुण मंगलम ने शोध कार्यों में होने वाले प्रयोगात्मक कार्यों और थ्योरी के अंतर की जानकारी दी। उन्होंने अंतरिक्ष में समय-समय पर होने वाले विस्फोटों और इस दौरान अलग होने वाले पिंडों के बारे में बताया।
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कार्यशाला के दौरान मुंबई के प्रो. डी नरसिम्हा ने अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण लेंस की उपयोगिता बताई। पुणे से आए ईश्वर चंद्र ने ज्वाइंट मीटर रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) के माध्यम से लिए गए प्रेक्षणों की जानकारी देकर 3.6 मीटर व्यास की दूरबीन की उपयोगिता के बारे में बताया।
बेल्जियम के वैज्ञानिक मैजोरी डिक्लियर ने अंतरिक्ष में गैलक्सियों के नजदीकी धूलकणों के बारे में बताया। एरीज के पूर्व निदेशक प्रो. राम सागर ने कार्यशाला की उपलब्धियों के बारे में बताया।
अंत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अंतरराष्ट्रीय सलाहकार डॉ. एसके वार्ष्णेय ने विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया। अलग-अलग वर्गों में बेहतरीन पोस्टरों के लिए बेल्जियम के विक्रम प्रधान, एरीज के डॉ. कुंतल मिश्रा, ताईवान के पो-ची-ह्वांग को अवार्ड प्रदान किए।
स्कूली बच्चों को दी खगोलीय घटनाओं की जानकारी
एरीज की ओर से आयोजित बीना की कार्यशाला के तीसरे दिन सरोवर नगरी के कई स्कूलों के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना था।
बीना के भारतीय समन्वयक, मुख्य अनुसंधानकर्ता डॉ. संतोष जोशी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ऑल सेंट्स, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, शहीद सैनिक नैनीताल, बिड़ला विद्यालय, एमएल साह बाल विद्या मंदिर के बच्चों को वैज्ञानिकों द्वारा पब्लिक लैक्चर के तहत प्रो. कृष इगल बर्ट ने म्यूजिक ऑफ स्टार्स की जानकारी दी। खगोल विज्ञान की जानकारी मिलने के बाद बच्चे खासे उत्साहित थे।