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Nainital News: कचरा प्रबंधन के लिए रामगंगा पर बनेगा बूम बैरियर

Mon, 03 Mar 2025 01:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Mon, 03 Mar 2025 01:23 AM IST
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Boom barrier will be built on Ramganga for waste management
जीवन कुमार
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रामनगर। मानसून सीजन में रामगंगा नदी उफान पर आ जाती है। नदी में बहकर पहाड़ से प्लास्टिक की बोलतें सहित अन्य कचरा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला और कालागढ़ डैम पर पहुंचता है। इस कचरे को रोकने के लिए इस बार पार्क प्रशासन की ओर से मरचूला के पास बूम बैरियर बनाया जाएगा।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ढिकाला जोन में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है लेकिन रामगंगा नदी में बहकर आने वाला प्लास्टिक का कचरा पार्क प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। बरसात के बाद ढिकाला चौड़ से लेकर कालागढ़ डैम तक हर साल सीटीआर प्रशासन वहां पर फैले कचरे को साफ कराता है। इसमें सबसे ज्यादा प्लास्टिक का कचरा होता है।
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अब इस समस्या का हल निकालते हुए सीटीआर की ओर से मरचूला के पास रामगंगा नदी में बूम बैरियर बनाने की तैयारी की जा रही है। बूम बैरियर के जरिये मरचूला के पास से ही कचरे को रोक लिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से भी कूड़े के निस्तारण की योजना पर पार्क प्रशासन काम कर रहा है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने बताया कि मानसून सीजन से पहले ही बूम बैरियर स्थापित कर लिया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा बूम बैरियर
सीटीआर के वार्डन अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि बूम बैरियर में नदी के ऊपर एक छोर से दूसरे छोर तक तारों पर जाल को तिरछा बांधा जाता है। इससे नदी में पानी का बहाव सामान्य बना रहता है और कचरा जाल में एकत्र होता रहता है। ग्वासीकोटी ने बताया कि एकत्र कचरे को स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के अलावा अन्य कचरे से खाद बनाई जा सकती है, जिसे ग्रामीण अपने इस्तेमाल के साथ ही बेच भी सकते हैं।


प्लास्टिक चबाते हुए दिखा था बाघ
वर्ष 2020 में एक बाघ ढिकाला में प्लास्टिक चबाते हुए देखा गया था। तब मामला काफी चर्चा में आया था। प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर तब कार्य योजना बनी थी लेकिन कोरोना काल के चलते दो-तीन साल में कोई योजना पर कार्य नहीं हो सका था। अब पार्क प्रशासन इस पर गंभीरता से कार्य कर रहा है।
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